सामुद्रिक शास्त्र में मानव शरीर, चेहरा, अंगों की रेखाओं के साथ-साथ व्यक्ति के बोलने के तरीके को भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। कहा गया है कि जैसे व्यक्ति बोलता है, वैसा ही उसका स्वभाव, विचार और उसकी आंतरिक ऊर्जा का स्वरूप होता है। हर व्यक्ति का बोलने का अंदाज़ उसकी प्रकृति को दर्शाता है। आइए जानते हैं कि विभिन्न बोलचाल के तरीकों से व्यक्ति के व्यक्तित्व के कौन-से रहस्य उजागर होते हैं।
तेजी से और साफ बोलने वाले लोग
जो लोग तेजी से, बिना झिझक और स्पष्ट बोलते हैं, उन्हें सामुद्रिक शास्त्र में उत्साही, ऊर्जावान और हसमुख माना गया है। ऐसे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं। ये लोग नई परिस्थितियों में जल्दी ढल जाते हैं और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। आमतौर पर ये लोगों से आसानी से घुलमिल जाते हैं और बिंदास स्वभाव के होते हैं।
बहुत तेज बोलने वालों का व्यक्तित्व
जो लोग अत्यधिक तेजी से बोलते हैं, उनके शब्द मानो दौड़ते हुए प्रतीत होते हैं। ऐसे लोग अत्यंत उत्साही, सक्रिय और ऊर्जावान होते हैं। ये विवादों से दूर रहना पसंद करते हैं और ज़रूरत से ज़्यादा तनाव नहीं लेते। हालांकि, कभी-कभी ये लोग थोड़े चिड़चिड़े भी हो सकते हैं। ये अपनी स्वतंत्रता और खुली सोच के लिए जाने जाते हैं।
हकलाकर या अटककर बोलने वाले लोग
बोलते समय हकलाना या अटकना, सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह की अशुभ स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे लोगों में आत्मविश्वास की कमी हो सकती है, और वे छोटी-छोटी बातों से भी भावुक हो जाते हैं। लेकिन इनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये दिल से बेहद साफ, भरोसेमंद और ईमानदार होते हैं। ये धीरे-धीरे मेहनत और धैर्य से जीवन में आगे बढ़ते हैं।
भारी आवाज वालों का व्यक्तित्व
जिन लोगों की आवाज भारी, गहरी या बादलों की गड़गड़ाहट जैसी होती है, उन्हें प्रभावशाली व्यक्तित्व का धनी माना गया है। सामुद्रिक शास्त्र कहता है कि ऐसे लोग स्वभाव से नेतृत्वकारी, अनुशासनप्रिय और आत्मविश्वासी होते हैं। गुरु ग्रह का प्रभाव इनके जीवन में अधिक रहता है। यदि इनकी बात काटी जाए या इन्हें अनदेखा किया जाए, तो ये क्रोधित भी हो सकते हैं।
दूसरों की बात काटने वाले लोग
जो लोग अक्सर दूसरों की बात बीच में रोककर अपनी बात शुरू कर देते हैं, वे आमतौर पर जिद्दी, स्पष्टवादी और आत्मविश्वासी होते हैं। इनके विचार तर्कसंगत होते हैं, लेकिन यदि इन्हें महत्व ना मिले तो ये नाराज हो जाते हैं। ऐसी आदतें कभी-कभी इनके सामाजिक संबंधों में चुनौती भी बन सकती हैं।