Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > पैरों में सोना क्यों नहीं पहनना चाहिए? धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण
अन्य

पैरों में सोना क्यों नहीं पहनना चाहिए? धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण

दिव्यसुधा
Last updated: December 3, 2025 4:39 pm
दिव्यसुधा
Share
पैरों में सोना पहनने की मनाही का धार्मिक और ज्योतिषीय कारण
पैरों में सोना पहनने की मनाही का धार्मिक और ज्योतिषीय स्पष्टीकरण।
SHARE

हिंदू धर्म में सोने को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। सोना सम्मान, समृद्धि और पवित्र ऊर्जा का द्योतक है। यही कारण है कि सोने को शरीर के ऊपरी हिस्सों जैसे गले, कान, हाथ और सिर पर धारण करने की परंपरा है। पैरों को शरीर का सबसे निम्न और अपवित्र भाग माना गया है। ऐसे में पैरों में सोना पहनना माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से लक्ष्मी कृपा कम हो सकती है और घर में सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है।

पैरों में सोना पहनने से क्या होता है?
धर्म ग्रंथों में सोने को दिव्यता और धन का प्रत्यक्ष प्रतीक बताया गया है। इसलिए सोने को पैरों में पहनना न केवल असम्मानजनक माना जाता है, बल्कि इससे देवी-देवताओं की कृपा भी कम हो सकती है। मान्यता है कि पैरों में सोना धारण करने से जीवन में अनावश्यक परेशानियाँ, आर्थिक कठिनाइयाँ और वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। पैरों में सोना पहनना ऊर्जा के प्रवाह को भी बाधित कर देता है, जिससे मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

चांदी पैर में ही क्यों पहनी जाती है?
चांदी की प्रकृति सोने से भिन्न मानी जाती है। चांदी शरीर की निचली ऊर्जा को शांत, ठंडा और संतुलित करती है। इसलिए पायल, बिछिया और कड़े जैसे गहने चांदी के बनाए जाते हैं। चांदी धरती से आने वाली ऊर्जा को धनात्मक रूप से अवशोषित करती है, जिससे स्वास्थ्य और मानसिक स्थिरता बनी रहती है। पुरानी मान्यताओं में चांदी को धरती तत्व से जुड़ा बताया गया है, इसलिए इसे कमर के नीचे पहनना शुभ माना गया है।

ज्योतिष के अनुसार पैरों में सोना पहनने के प्रभाव
ज्योतिषशास्त्र में सोना देवगुरु बृहस्पति का धातु माना जाता है। सोना धारण करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और ज्ञान, धन, संतान एवं वैवाहिक जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। परंतु जब सोना पैरों में पहना जाता है, तो गुरु ग्रह का प्रभाव कम होता है। ऐसा माना जाता है कि इससे कुंडली में बृहस्पति कमजोर पड़ सकता है, जिसके कारण घर में लक्ष्मी का वास कम होना, आर्थिक रुकावटें, निर्णय क्षमता में कमी और पारिवारिक जीवन में तनाव जैसे परिणाम सामने आ सकते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से पैरों में सोना न पहनने का कारण
वैज्ञानिक तौर पर सोना शरीर की ऊपरी ऊर्जा को सक्रिय करता है, जबकि चांदी शरीर के निचले हिस्से को शांत और संतुलित करती है। पैरों में सोना पहनने से ऊर्जा का प्राकृतिक प्रवाह बिगड़ जाता है, जिससे व्यक्ति बेचैनी, तनाव और भावनात्मक असंतुलन का अनुभव कर सकता है। वहीं चांदी पैरों के नाड़ियों पर ठंडक और राहत देती है, जिससे शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है।

TAGGED:AstrologyTipsDharmikGyaanGoldJewelryHinduDharmaHinduTraditionsLakshmiSpiritualFactsSpiritualLifestyleVedicScience
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article दत्तात्रेय जयंती 2025 पर भगवान दत्तात्रेय का दिव्य स्वरूप दत्तात्रेय जयंती 2025: त्रिदेव अवतार की पूजा का शुभ महापर्व
Next Article अन्नपूर्णा जयंती 2025: देवी अन्नपूर्णा की पूजा, मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व और धार्मिक अनुष्ठान अन्नपूर्णा जयंती 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का महत्व व पूजा मुहूर्त
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

अन्य

Essential Tips for the Adventurous Soul – Traveling Solo

By दिव्यसुधा
अन्य

Celebrating the Diversity of World Intangible Cultural Heritage

Sponsored by
BstoreBstore
12 ज्योतिर्लिंग जहां आज भी महसूस होती है भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति
अन्य

12 ज्योतिर्लिंग: जहां आज भी महसूस होती है भगवान शिव की दिव्य उपस्थिति

By Ekta Mishra
अन्य

रात में भूलकर भी न करें इन 3 चीजों का दान, वरना हो सकता है धन हानि

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?