Sunday, 22 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > आरती/मंत्र > रामचरित मानस की शक्तिशाली चौपाइयां – दुख, दोष और संकट दूर करने वाले पावन मंत्र
आरती/मंत्र

रामचरित मानस की शक्तिशाली चौपाइयां – दुख, दोष और संकट दूर करने वाले पावन मंत्र

दिव्यसुधा
Last updated: November 28, 2025 12:05 pm
दिव्यसुधा
Share
रामचरित मानस की पावन चौपाइयों का आध्यात्मिक महत्व
भगवान राम की पावन चौपाइयाँ — हर दुख-दोष दूर करने वाली आध्यात्मिक शक्ति
SHARE

सनातन परंपरा में भगवान राम के नाम का स्मरण सर्वोच्च माना जाता है। इसे तारक मंत्र कहा गया है एक ऐसा दिव्य नाम, जिसका जप करने से मनुष्य के जीवन से अंधकार दूर होकर सुख, शांति और सौभाग्य का प्रकाश फैलता है। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्री रामचरित मानस में कई ऐसी चौपाइयां हैं जिनके जप मात्र से ही सभी दुख-दोष मिट जाते हैं और जीवन में मंगल ही मंगल होता है।

Contents
सभी दुखों और शोक को दूर करने वाली चौपाईसब मंगल कराने वाली शक्तिशाली चौपाईरोग-दोष से मुक्ति दिलाने वाली चौपाईबड़े संकटों से उबारने वाली रामचरित मानस की चौपाईसुख-संपत्ति और सिद्धि दिलाने वाली चौपाई

सभी दुखों और शोक को दूर करने वाली चौपाई

राम भगति मनि उर बस जाकें।
दु:ख लवलेस न सपनेहुँ ताकें।।

तुलसीदास जी बताते हैं कि जिस व्यक्ति के हृदय में भगवान राम की भक्ति रूपी मणि चमकती है, उसे संसार के किसी भी प्रकार का दुख स्पर्श नहीं कर सकता। यहां तक कि वह व्यक्ति स्वप्न में भी शोक या पीड़ा का अनुभव नहीं करता। राम भक्त का जीवन सदैव आनंद और संतोष से भरा रहता है।

सब मंगल कराने वाली शक्तिशाली चौपाई

मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी।।

इस चौपाई का जप अत्यंत शुभ माना जाता है। यह वह मंत्र है जो किसी भी नकारात्मकता, भय, अमंगल या अनहोनी को हरकर जीवन में मंगल और समृद्धि लाता है। रामायण पाठ में इस चौपाई को संपुट के रूप में प्रयोग किया जाता है ताकि पाठ का प्रभाव कई गुना बढ़ सके। मान्यता है कि इसे पढ़ने वाले पर प्रभु श्रीराम की कृपा सदैव बरसती रहती है।

रोग-दोष से मुक्ति दिलाने वाली चौपाई

दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं ब्यापा।।

शरीर, मन, परिवार, ग्रहों या परिस्थितियों से उत्पन्न किसी भी प्रकार के दुख तीन ताप यदि व्यक्ति को निरंतर परेशान करते हों, तो इस चौपाई का जप अमोघ माना गया है। श्रद्धा और विश्वास के साथ रोज इसका पाठ करने से जीवन के दोष, रोग और बाधाएं दूर होती हैं। यह चौपाई रामराज्य की शांति और सुख का अनुभव कराती है।

बड़े संकटों से उबारने वाली रामचरित मानस की चौपाई

दीन दयाल बिरिदु संभारी।
हरहु नाथ मम संकट भारी।।

जब जीवन कठिन हो जाता है, रास्ते बंद दिखाई देते हैं और भारी संकट मन पर बोझ बनकर बैठ जाते हैं, तब यह चौपाई जीवन का आधार बन जाती है। इसका अर्थ है “हे नाथ, आप तो दीन-दुखियों पर दया करने वाले हैं, कृपा करके मेरे संकटों को दूर कर दीजिए।” यह चौपाई भक्त को साहस, सुरक्षा और दिव्यता का एहसास कराती है।

सुख-संपत्ति और सिद्धि दिलाने वाली चौपाई

जे सकाम नर सुनहिं जे गावहिं।
सुख संपत्ति नाना विधि पावहिं।।

जो व्यक्ति सुख, सुविधा, धन-संपत्ति और प्रगति की इच्छा रखते हैं उन्हें इस चौपाई का नियमित जप अवश्य करना चाहिए। माना जाता है कि भगवान राम अपने भक्तों की हर इच्छा पूर्ण करते हैं और उनके घर में सदैव माँ लक्ष्मी का वास रहता है। इस चौपाई का जप जीवन में समृद्धि और उन्नति का मार्ग खोलता है।

राम नाम मोक्ष का महामंत्र
सनातन मान्यताओं में राम नाम को मुक्ति देने वाला सर्वोत्तम मंत्र कहा गया है। इसका स्मरण मन को पवित्र करता है बुद्धि को निर्मल बनाता है और जीवन की हर दिशा में सकारात्मकता लाता है। रामचरित मानस की ये महामंत्र चौपाइयां न केवल आध्यात्मिक उन्नति देती हैं, बल्कि सांसारिक जीवन में भी हर प्रकार का कल्याण करती हैं।

TAGGED:आध्यात्मिक ज्ञानचौपाई अर्थतुलसीदासभगवान रामराम नामरामचरित मानसरामायण पाठसंकट मोचन मंत्रहिंदू धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article ॐ महालक्ष्मी नमो नमः मंत्र के साथ महालक्ष्मी देवी की आकर्षक दिव्य छवि मासिक दुर्गाष्टमी: शक्ति की उपासना का पावन पर्व
Next Article कोविदार वृक्ष का धार्मिक महत्व और वास्तु में इसका शुभ प्रभाव कोविदार वृक्ष का महत्व: वास्तु के अनुसार दिशा, लाभ और धार्मिक मान्यता
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा, जिनकी पूजा करने की कथा रावण से जुड़ी मानी जाती है
भगवान

युद्ध से पहले किस भगवान की अराधना करता था रावण? जानिए चौंकाने वाले रहस्य!

By दिव्यसुधा
मंगलवार को हनुमान जी के 108 नाम जप से कर्ज मुक्ति का उपाय
आरती/मंत्र

मंगलवार हनुमान जी के 108 नाम | कर्ज मुक्ति और मंगल दोष निवारण उपाय

By Ekta Mishra
कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी पर सूर्य देव को अर्घ्य और भगवान विष्णु की पूजा
आरती/मंत्र

कुंभ संक्रांति और विजया एकादशी का दुर्लभ संयोग: भक्ति, विजय और ऊर्जा का दिन

By Ekta Mishra
नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा का चित्र, जपमाला और कमंडल के साथ शांत स्वरूप
व्रत और त्योहार

 आइए जाने नवरात्रि के दूसरे दिन किस माता की पूजा की जाती है और इसका महत्व

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?