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दिव्य सुधा > अन्य > सप्ताह के सात दिन और सात व्रत: किस दिन किस देवता की कृपा मिलती है?
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सप्ताह के सात दिन और सात व्रत: किस दिन किस देवता की कृपा मिलती है?

दिव्यसुधा
Last updated: November 26, 2025 5:03 pm
दिव्यसुधा
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हिंदू धर्म में व्रत, उपवास, जप और तप को ईश्वर की निकटता पाने का महत्वपूर्ण साधन माना गया है। मान्यता है कि सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता या ग्रह से जुड़ा होता है और उस दिन व्रत रखने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। 33 कोटि देवी–देवताओं की कृपा और नवग्रहों की शुभता को प्राप्त करने के लिए लोग उचित दिन का चयन कर व्रत करते हैं। यदि आप जानना चाहते हैं कि किस दिन किस देवता का व्रत रखने से कौन सा लाभ मिलता है तो यह लेख आपके लिए संपूर्ण मार्गदर्शक है।

रविवार का व्रत सूर्य देव की कृपा
रविवार सूर्य देवता को समर्पित माना गया है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के भीतर आत्मबल, तेज और आत्मविश्वास बढ़ता है। मान्यता है कि सूर्य की कृपा से जीवन में मान–सम्मान, पद–प्रतिष्ठा और सफलता बढ़ती है। जो लोग स्वास्थ्य, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता बढ़ाना चाहते हैं उनके लिए यह व्रत अत्यंत फलदायी है।

सोमवार का व्रत शिव और चंद्र का आशीर्वाद
सोमवार भगवान शिव का प्रिय दिन माना जाता है। इस दिन रखे जाने वाले व्रत से साधक को मानसिक शांति, स्थिरता, सौभाग्य और संपत्ति की प्राप्ति होती है। चंद्रमा मन का कारक है इसलिए यह व्रत तनाव दूर कर मन को शांत बनाने में सहायक होता है। दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए भी यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है।

मंगलवार का व्रत हनुमान और मंगल देव की शक्ति
मंगलवार का व्रत हनुमान जी और मंगल देवता की कृपा पाने के लिए किया जाता है। यह व्रत साहस, ऊर्जा, भूमि–भवन का सुख और कोर्ट–कचहरी के मामलों में सफलता प्रदान करता है। हनुमान जी की कृपा से शत्रु बाधाएं दूर होती हैं और साधक का मनोबल बढ़ता है। जीवन में संघर्षों से जूझ रहे लोगों के लिए यह व्रत विशेष रूप से शुभ है।

बुधवार का व्रत बुध ग्रह और गणपति का आशीष
बुधवार ज्ञान, बुद्धि और व्यापारिक प्रगति का प्रतीक है। इस दिन का व्रत भगवान बुध और श्री गणेश का आशीर्वाद प्रदान करता है। इसे करने से व्यक्ति की वाणी मधुर होती है, विचारों में स्पष्टता आती है और करियर–व्यवसाय में वृद्धि होती है। विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए बुधवार का व्रत बेहद लाभकारी माना जाता है।

गुरुवार का व्रत बृहस्पति और विष्णु की कृपा
गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत करने से ज्ञान, धर्म, सौभाग्य और मान–सम्मान की प्राप्ति होती है। बृहस्पति मजबूत होने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है और कठिन कार्य भी सरलता से सिद्ध होते हैं। जो लोग जीवन में स्थिरता और गुडलक चाहते हैं उनके लिए यह व्रत अत्यंत उपयोगी है।

शुक्रवार का व्रत मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह का आशीर्वाद
शुक्रवार का व्रत देवी लक्ष्मी, देवी दुर्गा और शुक्र ग्रह से जुड़ा है। इस दिन व्रत रखने से जीवन में वैभव, समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है। यह व्रत दांपत्य जीवन को खुशहाल बनाता है और घर–परिवार में सुख–शांति लाता है। मान्यता यह भी है कि इस व्रत से सौंदर्य, आकर्षण और रचनात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

शनिवार का व्रत शनि देव का संरक्षण
शनिवार का दिन शनि देव की उपासना के लिए अत्यंत विशेष है। इस दिन का व्रत व्यक्ति के जीवन की बाधाएं दूर करता है और उसे कष्टों से मुक्ति दिलाता है। शनि की कृपा से करियर में स्थिरता, व्यापार में प्रगति और न्याय की प्राप्ति होती है। यह व्रत लोहे, मशीनरी, तेल और तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए खास लाभदायक माना जाता है। साथ ही, यह व्यक्ति को अदृश्य शत्रुओं से सुरक्षा भी प्रदान करता है।

सप्ताह के सातों दिनों के व्रत न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि ये साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और स्थिरता भी लाते हैं। उचित श्रद्धा, संयम और नियमों के साथ किया गया व्रत मनोकामनाओं की पूर्ति करता है और व्यक्ति को दिव्य शक्तियों का आशीर्वाद प्रदान करता है। जिस देवता या ग्रह की कृपा आप पाना चाहते हैं उसी दिन का व्रत आरंभ कर सकते हैं।

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