Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा > वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर, किचन और बाथरूम की सही दिशा
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में मंदिर, किचन और बाथरूम की सही दिशा

दिव्यसुधा
Last updated: November 13, 2025 10:38 am
दिव्यसुधा
Share
घर में मंदिर, किचन, बाथरूम और सीढ़ियों की सही दिशा – वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा में मंदिर, रसोई और बाथरूम बनवाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
SHARE

ऐसा माना जाता है कि जब घर का निर्माण वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार किया जाता है, तो उस घर में सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र को बेहद पवित्र और वैज्ञानिक माना गया है। यह न सिर्फ़ भवन निर्माण की दिशा तय करता है, बल्कि जीवन में संतुलन और सकारात्मकता बनाए रखने का भी मार्ग दिखाता है। आज हम आपको बताएंगे कि घर में मंदिर, किचन, बाथरूम और सीढ़ियां किस दिशा में बनवाना शुभ माना जाता है।

मंदिर बनवाने की सही दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मंदिर उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में बनवाना सबसे शुभ होता है। यह दिशा देवताओं की मानी जाती है और यहां मंदिर स्थापित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। इस दिशा में पूजा करने से मन को शांति और आत्मिक संतोष मिलता है। ध्यान रखें कि मंदिर कभी भी बेडरूम या बाथरूम के पास नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव उत्पन्न हो सकता है। मंदिर में भगवान की मूर्तियाँ पूर्व या पश्चिम की ओर मुख करके रखें और पूजा करते समय हमेशा उत्तर या पूर्व की दिशा में मुख करें।

किचन की शुभ दिशा
घर में किचन का स्थान दक्षिण-पूर्व दिशा में होना चाहिए। यह दिशा अग्नि देव की मानी जाती है और यहां रसोई बनाने से घर में स्वास्थ्य, धन और समृद्धि बढ़ती है। यदि यह दिशा संभव न हो तो किचन उत्तर-पश्चिम दिशा में भी बनाया जा सकता है। रसोई बनवाते समय यह ध्यान रखें कि गैस चूल्हा दक्षिण-पूर्व कोने में हो और खाना बनाते समय व्यक्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। किचन और बाथरूम एक ही स्थान या दीवार साझा न करें, अन्यथा वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

बाथरूम की उचित दिशा
वास्तु के अनुसार, घर में बाथरूम उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना शुभ माना जाता है। इन दिशाओं में बाथरूम बनवाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर का वातावरण शुद्ध बना रहता है। दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में बाथरूम बनाना अशुभ माना गया है, क्योंकि इन दिशाओं में देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर का वास होता है। गलत दिशा में बाथरूम होने से आर्थिक हानि या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ सकती हैं।

सीढ़ियों की सही दिशा
घर में सीढ़ियों का निर्माण दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में करना शुभ फलदायी होता है। इस दिशा में बनी सीढ़ियाँ घर में स्थिरता और प्रगति का प्रतीक मानी जाती हैं। उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियाँ बनवाने से बचें, क्योंकि इससे वास्तु दोष उत्पन्न होता है और जीवन में बाधाएँ बढ़ सकती हैं।

वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं, बल्कि यह जीवन में संतुलन और सामंजस्य का विज्ञान है। इसलिए यदि घर का निर्माण इन नियमों के अनुसार किया जाए, तो उसमें बसने वाले हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता, शांति और समृद्धि का वास बना रहता है।

TAGGED:Indian Vastu ShastraPositive EnergyVastu Direction Guidevastu doshVastu Shastra for HomeVastu Tips Hindiकिचन की दिशाघर की दिशाबाथरूम दिशामंदिर की दिशावास्तु टिप्सवास्तु शास्त्रसीढ़ी की दिशा
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article मां गुह्य काली का भयानक रूप – श्मशान में विराजमान परम शक्ति मां गुह्य काली: तंत्र साधना की रहस्यमयी शक्ति और गुप्त रूप
Next Article कल का राशिफल 11 दिसंबर 2025 – सभी 12 राशियों का दैनिक भविष्यफल, ज्योतिषाचार्य डॉ. एन.के. बेरा द्वारा विस्तृत राशिफल आज का आध्यात्मिक राशिफल: 12 राशियों के लिए कर्म, स्वास्थ्य और ऊर्जा का दिव्य मार्गदर्शन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

वास्तु अनुसार पोछा लगाने का सही तरीका, घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

वास्तु अनुसार पोछा लगाने के नियम: घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा

By दिव्यसुधा
सरल वास्तु उपायों के माध्यम से घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने के आध्यात्मिक उपाय
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

सरल वास्तु उपाय: घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने के प्रभावी उपाय

By दिव्यसुधा
शुक्र पर्वत का आध्यात्मिक महत्व – हथेली में शुक्र पर्वत और शुक्र ग्रह के प्रभाव का संकेत
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

शुक्र ग्रह और शुक्र पर्वत का आध्यात्मिक रहस्य- प्रेम, सौन्दर्य और दांपत्य सुख का ज्योतिषीय विज्ञान

By दिव्यसुधा
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की बालकनी में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा

घर की बालकनी का वास्तु महत्व: जानिए कैसे बढ़ाती है सकारात्मक ऊर्जा

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?