लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान गोमती तट पर इस वर्ष छठ महापर्व का आयोजन अत्यंत भव्य और दिव्य रूप में होने जा रहा है। अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय के नेतृत्व में यह आयोजन 27 और 28 अक्टूबर 2025 को संपन्न होगा। छठ महापर्व को लेकर पूरे लखनऊ शहर में उत्सव जैसा माहौल है। घाटों की सुंदर सजावट, मधुबनी पेंटिंग से सजी दीवारें और भक्तों की सेवा में जुटे सैकड़ों स्वयंसेवक इस पावन पर्व को विशेष बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रण
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज जी से भेंट कर उन्हें 41वें छठ महापर्व में आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में छठ महापर्व के सुचारू आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, इसकी भव्यता और व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
सार्वजनिक अवकाश की मांग
इस भेंट के दौरान प्रभुनाथ राय ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि 27 और 28 अक्टूबर 2025 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए ताकि सभी श्रद्धालु बिना किसी बाधा के इस महापर्व में शामिल हो सकें। मुख्यमंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया और कहा कि सरकार जनभावनाओं का सम्मान करेगी।
भव्य तैयारियाँ और सफाई अभियान
छठ घाट लक्ष्मण मेला मैदान की तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं। घाट पर पुताई, रंगाई और सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इस वर्ष घाट की दीवारों पर मधुबनी की प्रसिद्ध पेंटिंग्स बनाई गई हैं, जो पारंपरिक संस्कृति की झलक प्रस्तुत कर रही हैं। कार्यक्रम स्थल को दीपों और फूलों से सजाया जा रहा है ताकि श्रद्धालु आस्था और शांति का अनुभव कर सकें।
छठ पर्व का कार्यक्रम क्रम
अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के तत्वावधान में आयोजित यह 41वां छठ महापर्व चार दिनों तक मनाया जाएगा —
25 अक्टूबर 2025: नहाय-खाय
26 अक्टूबर 2025: खरना
27 अक्टूबर 2025: संध्या अर्घ्य
28 अक्टूबर 2025: प्रातः अर्घ्य और पर्व का समापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराज 27 अक्टूबर की शाम सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य हस्तियां शामिल होंगी – माननीय भूपेन्द्र सिंह चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उत्तर प्रदेश, माननीय धर्मपाल सिंह, संगठन मंत्री भाजपा, माननीय केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, माननीय बृजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, माननीय सुरेश खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री, माननीय सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री, माननीय जयवीर सिंह, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री, माननीय ए.के. शर्मा, ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री, माननीय अमर पाल मौर्य, राज्यसभा सांसद, माननीय सुषमा खर्कवाल, महापौर लखनऊ, माननीय मुकेश शर्मा, विधान परिषद सदस्य वरिष्ठ भाजपा नेता निरज सिंह, तथा कमलेश मिश्रा, अध्यक्ष अवध क्षेत्र भाजपा इनके अलावा प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
मुख्यमंत्री के लिए विशेष मार्ग व्यवस्था
आयोजन समिति ने इस बार मुख्यमंत्री के लिए विशेष मार्ग की व्यवस्था की है, जिससे वे सीधे मंच तक पहुँच सकें। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ में कोई बाधा न आए और सभी भक्त सुरक्षित रूप से पूजा-अर्चना कर सकें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक
छठ महापर्व के अवसर पर 18 घंटे निरंतर चलने वाला सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसमें देशभर से आए लोक कलाकार पारंपरिक भोजपुरी, मैथिली और अवधी संगीत की प्रस्तुति देंगे। प्रमुख कलाकारों में सुप्रसिद्ध लोकगायिका कल्पना पटवारी (असम), लोकगायक गोपाल राय (बलिया), प्रसिद्ध कलाकार सुरेश शुक्ला (मुंबई) शामिल हैं। इनके साथ करीब 200 लोक कलाकार मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह कार्यक्रम लोक संस्कृति, श्रद्धा और उत्सव का अद्भुत संगम बनेगा।
प्रशासन और समाज की भूमिका
लखनऊ प्रशासन इस आयोजन को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और प्रकाश की विशेष व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के पदाधिकारी मनोज सिंह, वेद प्रकाश राय, मनोज राय, सुनील सिंह, एस.पी. चौहान, सुरेश कुशवाहा, रामयतन यादव, अम्बरीश राय, हनुमान यादव, अवधेश आदि — पूरी निष्ठा से कार्य में लगे हैं।
छठ महापर्व का आध्यात्मिक महत्व
छठ पर्व सूर्य उपासना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। यह पर्व व्यक्ति को संयम, श्रद्धा और शुद्धता का संदेश देता है। भक्त नदी या तालाब के किनारे खड़े होकर अस्ताचलगामी और उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं। यह मान्यता है कि छठ देवी के आशीर्वाद से घर-परिवार में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है।
भोजपुरी समाज की आस्था और एकता का प्रतीक
लखनऊ में आयोजित यह छठ महापर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भोजपुरी संस्कृति की एकता और गर्व का प्रतीक भी है। प्रभुनाथ राय के नेतृत्व में हर वर्ष आयोजित यह आयोजन लाखों श्रद्धालुओं को जोड़ता है। यह सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, लोकसंगीत और समाज की सामूहिक भावना का उत्सव है।