प्रिय पाठकों,
“दिव्यसुधा” भक्ति की अमृत धारा बनकर जैसे-जैसे आपके जीवन में प्रवाहित हो रही है, वैसे-वैसे हमारा विश्वास और समर्पण और भी दृढ़ होता जा रहा है। आप सभी पाठकों की श्रद्धा, लगन और स्नेह-भरी प्रतिक्रियाएं हमारी प्रेरणा बन चुकी हैं। हर मेल, हर सुझाव और हर शब्द से हमारी टीम अभिभूत होती है।
दिव्यसुधा के अक्टूबर 2025 अंक में हमने पाठकों के लिए आध्यात्मिक अनुभव, धार्मिक स्थलों और पौराणिक रहस्यों को एक साथ पेश किया है। ब्रजभूमि के अमर कदम्ब वृक्ष से लेकर वृंदावन के निधिवन तक, हर कहानी में श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं की महिमा को जीवंत किया गया है। यमुना तट पर खड़ा प्राचीन कदम्ब वृक्ष आज भी अपनी सूखी शाखाओं में हरी पत्तियां लिए, द्वापर युग की याद दिलाता है।
गया की पितृ मोक्ष स्थली और वहां की पिंडदान परंपरा भी इस अंक का विशेष आकर्षण है। श्राद्ध पक्ष के दौरान यहां की परंपराएं, श्रद्धालुओं की भक्ति और पुराणों की गूंज पाठकों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है। इसी तरह, वृंदावन का निधिवन और मगरीवाले गणेश की रहस्यमय कथा, आस्था और रोमांच का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करती है।
इस अंक में हम वास्तु और व्यापार पर भी प्रकाश डालते हैं। पश्चिम दिशा में कार्यालय स्थापित करने के लाभ और जेड प्लांट की धन-संपत्ति में वृद्धि करने वाली ऊर्जा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। वहीं, 3 मुखी रुद्राक्ष पहनने के आध्यात्मिक लाभ और मानसिक शांति के रहस्य भी साझा किए गए हैं।
त्योहारों और पर्वों पर विशेष ध्यान देते हुए, दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा, करवा चौथ, छठ महापर्व, अक्षय नवमी और शरद पूर्णिमा के धार्मिक और पौराणिक महत्व को सरल और रोचक भाषा में प्रस्तुत किया गया है। अयोध्या के दीपोत्सव में 26 लाख दीयों को जलाने की तैयारी और पुनः विश्व रिकॉर्ड बनना, इस अंक को और खास बनाती है।
इस अंक में धार्मिक स्थलों और पौराणिक कथाओं के साथ-साथ वास्तु, पौधों और रत्नों की जानकारी भी शामिल की गई है, ताकि पाठक न केवल आध्यात्मिक आनंद लें बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुरक्षा और समृद्धि भी अनुभव कर सकें। अक्टूबर अंक में हर कहानी, पर्व और जानकारी को पाठकों के लिए रोचक, प्रेरक और लाभकारी तरीके से पेश किया गया है।
हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि उस चेतना को जाग्रत करना है जो हर हिंदू हृदय में विराजमान है। दिव्यसुधा का प्रयास है कि वह श्रद्धा की इस मशाल को हर घर तक पहुंचाएं, हर आत्मा को प्रकाश दे और हर मन में शांति का संचार करें।
यदि आपके पास भी कोई धार्मिक लेख, सनातन धर्म से जुड़ी जानकारी, अनुभव या रचना है, जिसे आप दिव्यसुधा में प्रकाशित करना चाहते हैं, तो हम आपका स्वागत करते हैं। हमारी वेबसाइट www.divysudha.com पर आपको हमारी समस्त गतिविधियों की जानकारी सरलता से प्राप्त हो जाएगी। पढ़ते रहिये, जुड़ते रहिये – क्योंकि भक्ति की यह यात्रा, एक साथ चलने से पूर्ण होती है।
https://drive.google.com/file/d/1PmghdkYQpdFTDgqJfMG3gCH_R87dRkfa/view?usp=drive_link