Vishwakarma Puja 2025: हर साल 17 सितंबर को मनाई जाने वाली विश्वकर्मा पूजा इस साल 2025 में कुछ अलग परिस्थिति में पड़ रही है। यह त्योहार मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ पुराने वाहन, औजार, मशीन और लोहे के सामान की पूजा करने की परंपरा है। इसके अलावा, लोग नई चीजें खरीदने के लिए भी इस दिन को बेहद शुभ मानते हैं।
विश्वकर्मा पूजा और नई खरीदारी का महत्व
धार्मिक मान्यता है कि विश्वकर्मा पूजा पर नया वाहन, औजार, कंप्यूटर या मशीनरी खरीदना बेहद शुभ होता है। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि भगवान विश्वकर्मा को सभी औजारों और मशीनों का देवता माना गया है। उनके आशीर्वाद से नई चीजें लंबी उम्र, सुरक्षा और समृद्धि की प्रतीक बन जाती हैं। हर साल हजारों लोग इस दिन नया वाहन खरीदने के लिए उत्सुक रहते हैं, ताकि भगवान विश्वकर्मा का आशीर्वाद प्राप्त हो और वाहन सुरक्षित रहे।
2025 में विशेष परिस्थिति: श्राद्ध पक्ष
इस साल 2025 में विश्वकर्मा पूजा पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष में पड़ रही है। श्राद्ध पक्ष में नई चीज़ों की खरीदारी करने से परहेज़ करने की धार्मिक परंपरा है। खासतौर पर लोहे, जमीन और वाहन जैसी महत्वपूर्ण चीजें इस अवधि में नहीं खरीदी जाती हैं। इसका कारण यह माना जाता है कि पितरों के प्रति सम्मान और श्राद्ध करने का समय होता है, जिसमें नई चीज़ों की खरीदारी करने से पितरों की कृपा कम हो सकती है।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार यदि कोई नया वाहन या मशीन खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसे थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। सीधे शब्दों में कहें तो, श्राद्ध पक्ष में नए वाहन खरीदना पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता, हालांकि अगर यह जरूरी हो तो कुछ विशेष उपाय करने से यह सुरक्षित हो सकता है।
वाहन खरीदने से पहले क्या करें?
अगर आपको विश्वकर्मा पूजा के दिन नया वाहन खरीदना अनिवार्य है, तो कुछ उपाय करने से पितरों की कृपा बनी रहेगी और नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है।
- सुबह स्नान करें और शुद्ध मन से पूजा करें।
- पितरों के नाम से तर्पण और दान करें। यह सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि पितरों का आशीर्वाद लेने से नई चीज़ें शुभ होती हैं।
- इसके बाद ही वाहन या मशीन की खरीदारी करें।
इन उपायों को अपनाने से पितर नाराज नहीं होंगे और आपके परिवार पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यदि यह ध्यान नहीं रखा गया तो धार्मिक मान्यता के अनुसार पितरों की कृपा कम हो सकती है, जिससे घर-परिवार में कुछ असामंजस्य या बाधाएं आ सकती हैं।
इस साल की विश्वकर्मा पूजा श्राद्ध पक्ष में पड़ रही है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से नया वाहन खरीदना पूरी तरह शुभ नहीं माना जाता। परंतु यदि कुछ आवश्यक कारणों से खरीदारी करनी ही हो, तो पितरों का तर्पण और दान करके यह कार्य किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस तरह से सावधानी बरतने पर भगवान विश्वकर्मा और पितरों दोनों की कृपा बनी रहती है। इसलिए, इस साल विश्वकर्मा पूजा पर नई गाड़ी खरीदने की योजना बनाने से पहले सावधानी और धार्मिक उपायों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल आपके वाहन को सुरक्षित रखेगा बल्कि परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने में भी मदद करेगा।