ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, संक्रांति तिथियां सिर्फ पंचांग की गणनाएं नहीं होतीं, बल्कि ये ब्रह्मांडीय ऊर्जा के परिवर्तन का संकेत भी देती हैं। साल भर में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं, लेकिन इन सभी में कर्क संक्रांति और मकर संक्रांति को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। कर्क संक्रांति उस समय को कहा जाता है जब सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते हैं। इस वर्ष कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2025 को पड़ रही है। इस दिन से उत्तरायण का समापन और दक्षिणायन की शुरुआत होती है। दक्षिणायन को देवताओं का शयन काल कहा गया है और यह समय आध्यात्मिक रूप से संवेदनशील माना जाता है।
दक्षिणायन के छह महीनों में सकारात्मक ऊर्जा की तीव्रता घटने लगती है और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ सकता है। इस कारण से यह समय सभी राशियों के लिए कुछ न कुछ बदलाव लेकर आता है, लेकिन कुछ राशियों पर इसका प्रभाव विशेष रूप से गहरा हो सकता है। ऐसे में जिन जातकों की कुंडली में ग्रहों की स्थिति संवेदनशील या परिवर्तनशील है, उन्हें इस दौरान विशेष सावधानी, संयम और धैर्य रखने की जरूरत होती है। साथ ही, पूजा-पाठ, ध्यान और सत्कर्मों में रुचि बढ़ाना इस समय को शांतिपूर्वक और फलदायी ढंग से बिताने में मदद कर सकता है। आगे जानिए कि कर्क संक्रांति 2025 किन राशियों के लिए विशेष प्रभाव लेकर आ रही है।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कुछ संवेदनशील रहने वाला है। खासतौर पर माता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए उनकी देखभाल और नियमित स्वास्थ्य जांच पर ध्यान देना आवश्यक होगा। खुद की सेहत को लेकर भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस समय खान-पान में संयम और जीवनशैली में अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है, और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने की संभावना रहेगी। इस दौरान क्रोध और आवेश से बचना और सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा, वरना नुकसान झेलना पड़ सकता है।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों को इस समय यात्रा और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। छोटी-सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान दे सकती है। धन हानि और शारीरिक चोट की आशंका भी बन सकती है। साथ ही, सरकारी मामलों में उलझने से बचें और किसी भी विवाद या कानूनी मामलों से दूरी बनाए रखें। अगर आप संपत्ति से जुड़े कोई निर्णय लेना चाहते हैं, तो अभी रुकना ही बेहतर होगा। यह समय धैर्य रखने और सोच-समझकर कदम उठाने का है।
मकर राशि
मकर राशि के लोगों को इस समय मानसिक और भावनात्मक उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। वैवाहिक जीवन में तनाव या पार्टनर के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखना बेहद जरूरी होगा। कार्यक्षेत्र में भी साझेदारों के साथ टकराव हो सकता है, इसलिए संयम और समझदारी से काम लें। किसी भी कानूनी या विवादास्पद मामले में खुद को न उलझाएं।
कर्क संक्रांति के शुभ मुहूर्त
कर्क संक्रांति तिथि: 16 जुलाई 2025
सूर्य का राशि परिवर्तन: शाम 5:40 बजे
पुण्य काल: सुबह 5:40 बजे से शाम 5:40 बजे तक
महा पुण्य काल: दोपहर 3:22 बजे से शाम 5:40 बजे तक
इस दिन पूजा, दान और अच्छे कार्यों का विशेष महत्व होता है। नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए शांत मन से काम लें और आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लें।