Saturday, 30 Aug 2025
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > सावन 2025 की शुरुआत: जानिए क्या करें और क्या नहीं, सावन के नियम और महत्व
अन्य

सावन 2025 की शुरुआत: जानिए क्या करें और क्या नहीं, सावन के नियम और महत्व

दिव्यसुधा
Last updated: July 11, 2025 12:42 pm
दिव्यसुधा
Share
shiv ji
SHARE

सावन मास, जिसे श्रावण मास भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग का सबसे आध्यात्मिक, पुण्यदायक और शिव तत्व से भरपूर महीना माना जाता है। यह पूरा महीना भगवान शिव की विशेष आराधना, व्रत, जप और साधना के लिए समर्पित होता है। इस समय प्रकृति हरियाली से जीवन में ऊर्जा भरती है और मनुष्य अपने मन, वचन और कर्म से शिव को प्रसन्न करने का प्रयास करता है। सावन केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं बल्कि आत्म-संयम, सात्त्विक जीवनशैली और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक भी है। श्रद्धा और नियमपूर्वक शिव पूजा करने से व्यक्ति को भगवान शंकर की कृपा, चिंतन में स्थिरता, कर्म में सफलता तथा जीवन में संतुलन प्राप्त होता है।

श्रावण मास में क्या करें –

  • प्रत्येक दिन प्रातःकाल स्नान कर शिव की पूजा करनी चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से रुद्राभिषेक करें। ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • सावन के सभी सोमवार को उपवास रखें। यह भगवान शिव को विशेष रूप से प्रिय है। सोलह सोमवार का व्रत करने से इच्छित फल की प्राप्ति होती है।
  • सावन में हरी वस्तुओं का प्रयोग करें। महिलाएं हरी चूड़ियां, हरी साड़ी, हरी बिंदी पहनें। हरी सब्जियां, तुलसी और बेलपत्र का सेवन करें।
  • सावन में सात्त्विक आहार लें, जिसमें फलाहार और शुद्ध मसालों का प्रयोग करें। पंचाक्षरी मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • ब्राह्मणों और ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल पात्र, छाता, गौ सेवा और धार्मिक पुस्तकों का दान करें।
  • कांवड़ियों का स्वागत करें और उन्हें जल, भोजन, विश्राम आदि में सहायता देना अत्यंत पुण्यदायक होता है।
  • रोजाना घर के ईशान कोण में दीपक जलाएं, इससे वातावरण पवित्र होता है और शिव कृपा बनी रहती है।

श्रावण मास में क्या ना करें

  • मांस, अंडा, मदिरा, लहसुन-प्याज जैसी तामसिक वस्तुएं सावन में पूरी तरह वर्जित हैं।
  • क्रोध, झूठ और अपशब्दों से दूर रहें। वाणी पर संयम अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शिव शांत और सरल हृदय को प्रिय मानते हैं।
  • तुलसी, केतकी और चंपा का फल शिवलिंग पर न चढ़ाएं, ये वर्जित माने गए हैं। टूटा हुआ बेलपत्र भी चढ़ाना अशुभ होता है।
  • लोहे के बर्तन से अभिषेक न करें, तांबा, पीतल या मिट्टी का पात्र प्रयोग करें।
  • रात्रि में व्रत न तोड़ें, पारण सूरज ढलने से पहले करें या अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में।
  • बाल और नाखून न काटें, यह संयम का प्रतीक है। विवादों से बचें, आलोचना न करें और किसी को वाणी का घाव न दें।
  • सावन शिव की आराधना का सबसे उपयुक्त समय है और इस मास में शिव तत्व को अपनाकर हम अपने जीवन में सकारात्मकता, समृद्धि और शांति ला सकते हैं।
TAGGED:humare bhgwansavan maassavan maas ke niyamsavan maas me kyasavan me kya krenसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article वास्तु अनुसार घर में न रखें ये 5 चीजें, वरना चली जाती है सुख-समृद्धि
Next Article सावन 2025: जानें तिथियां, व्रत, शिव पूजन विधि और अभिषेक के खास फल
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!
Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

badrinath temple
मंदिर

Badrinath Temple : बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, जानिए मंदिर का इतिहास, महत्व और रहस्य

By दिव्यसुधा
अन्य

Discovering Top Travel Destinations Revealed for 2024

By दिव्यसुधा
featuredपंचांग

आज का पंचाग: 06 अगस्त 2025

By दिव्यसुधा
अन्य

Essential Tips for the Adventurous Soul – Traveling Solo

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?