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दिव्य सुधा > आरती/मंत्र > लक्ष्मी बीज मंत्र : जानिए अर्थ, महत्व और लाभ
आरती/मंत्र

लक्ष्मी बीज मंत्र : जानिए अर्थ, महत्व और लाभ

दिव्यसुधा
Last updated: June 12, 2025 5:55 pm
दिव्यसुधा
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बीज मंत्र बहुत शक्तिशाली होते हैं, जिनसे उस देवता के सारे मंत्र बनते हैं। लक्ष्मी का बीज मंत्र ऊर्जा और उत्साह देता है और महान शक्ति भी देता है।

|| ॐ श्रीं श्रीये नम: ||

मंत्र का अर्थ :
“मैं भगवान विष्णु की पत्नी महादेवी को नमन करता हूँ। कृपया मुझे बुद्धि का आशीर्वाद दें और धन-समृद्धि प्रदान करें।”

लक्ष्मी बीज मंत्र का अर्थ :

‘ॐ’ ब्रह्मांड की आवाज़ है जो सब जगह से होकर गुजरता है और हमें परमात्मा से जोड़ती है। बीज मंत्र वह खास मंत्र होता है जिससे उस देवता के बाकी सारे मंत्र बनते हैं। देवी लक्ष्मी का बीज मंत्र ‘श्रीं’ है। इस मंत्र को जपने से भाग्य, धन और बुद्धि बढ़ती है। ‘श्रीं’ का मतलब है – देवी लक्ष्मी मैं आपको हाथ जोड़कर नमन करता हूं।’

मंत्र के लाभ :

  • यदि आप लक्ष्मी मंत्र का ध्यान करना चाहते हैं, तो लक्ष्मी बीज मंत्र उत्तम उपाय है। क्योकि इस मंत्र में ध्यान केंद्रित करने वाली ऊर्जा होते है।
  • यदि कोई श्रध्दालु सच्चे मन से इस मंत्र का जाप करता है तो उसके पास नकारात्मकता ऊर्जा नहीं रहती और वो स्वयं को सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ महसूस करते हैं।
  • इस मंत्र को नियमित दोहराने से यह सौभाग्य को आकर्षित करता है।
  • धीमी गति से चल रहे व्यापार को लक्ष्मी बीज मंत्र सक्रिय कर सकता है।
  • लक्ष्मी बीज मंत्र का जाप करने से स्मरण शक्ति और बुद्धि में वृद्धि होती है।

कैसे करें मंत्र का जाप –

  • यदि आप इस मंत्र का फल जल्द और प्रभावी रूप से प्राप्त करना चाहते है तो मंत्र का जाप कमलगट्टे या स्फटिक की माला से 108 बार करना चाहिए।
  • लक्ष्मी बीज मंत्र का दिन में तीन बार 108 बार उच्चारण करने से आपको अधिक धन की प्राप्ति हो सकती है ।
  • इस मंत्र का जाप करते समय माता लक्ष्मी की प्रतिमा सामने रखे, इससे मन एकाग्र रहता है ध्यान रहें मंत्र का उच्चारण शुद्ध और सही हो।
  • मंत्र का जाप करने से पहले स्नान अवश्य करें ताकि तन और मन दोनों शुद्ध रहें। मंत्र जाप की शुरुआत में मां लक्ष्मी के चरणों में गुलाब या कमल के फूल चढ़ाएं।
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