4 जून को कई शुभ योग बन रहे हैं जैसे वज्र योग, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र। यह दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए बहुत लाभदायक है। इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, ग्रहों की स्थिति और विशेष उपायों का पालन करने से जीवन में सकारात्मक फल मिल सकते हैं।
विक्रम संवत् – 2082, कालायुक्त, शक संवत् – 1947, विश्ववसु, पूर्णिमांत – ज्येष्ठा, अमान्त माह – ज्येष्ठ , शुक्ल पक्ष नवमी तिथि – जून 03 09:56 अपराह्न – जून 04 11:54 अपराह्न, शुक्ल पक्ष दशमी – जून 04 11:54 अपराह्न – जून 06 02:16 पूर्वाह्न
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी – जून 04 12:58 पूर्वाह्न – जून 05 03:35 पूर्वाह्न
हस्त – जून 05 03:35 पूर्वाह्न – जून 06 06:33 पूर्वाह्न
करण
बलवा – जून 03 09:56 अपराह्न – जून 04 10:52 पूर्वाह्न
कौलव – जून 04 10:52 पूर्वाह्न – जून 04 11:54 अपराह्न
तैतिला – जून 04 11:54 अपराह्न – जून 05 01:03 अपराह्न
योग
वज्र – जून 03 08:08 पूर्वाह्न – जून 04 08:28 पूर्वाह्न
सिद्धि – जून 04 08:28 पूर्वाह्न – जून 05 09:13 पूर्वाह्न
त्यौहार और व्रत
महेश नवमी
सूर्य एवं चंद्रमा का समय
सूर्योदय – 5 बजकर 44 मिनट
सूर्यास्त – शाम 7 बजकर 05 बजे
अशुभ काल
राहु – दोपहर 12:25 – दोपहर 2:05 बजे
यमगांडा – 7:24 पूर्वाह्न – 9:04 पूर्वाह्न
गुलिका- सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक
दुर्मुहूर्त – 11:58 पूर्वाह्न – 12:51 अपराह्न
वर्ज्यम – 08:57 पूर्वाह्न – 10:43 पूर्वाह्न
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – शून्य
अमृत काल – 07:35 PM – 09:22
ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04:08 – प्रातः 04:56 तक
सूर्य वृषभ राशि में और चन्द्र राशि कन्या राशि में प्रवेश करने से पहले चंद्रमा 04 जून, 07:35 बजे तक सिंह राशि से होकर गुजरेगा।
शुभ योग
सर्वार्थ सिद्धि – जून 05 03:35 पूर्वाह्न – जून 05 05:44 पूर्वाह्न (हस्त और बुधवार)आज का उपाय – बुधवार के दिन भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें।

( ज्योतिषाचार्य प्रतीक त्रिपाठी )