Saturday, 30 Aug 2025
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > बिठूर के बप्पा की अद्भुत मूर्ति : सूर्य-चंद्र की पहली किरण और दाहिनी नाक का रहस्य
मंदिर

बिठूर के बप्पा की अद्भुत मूर्ति : सूर्य-चंद्र की पहली किरण और दाहिनी नाक का रहस्य

दिव्यसुधा
Last updated: June 3, 2025 6:01 pm
दिव्यसुधा
Share
SHARE

हम जीवन के प्रत्येक कार्य के शुरुआत में बप्पा की मंगलमूर्ति का हम स्मरण करते हैं। भगवान गणेश की छवि हमारे मन में सहज रूप से बस जाती है, क्योंकि वे भक्तों के प्रेम में बंधे रहते हैं। ऐसी दिव्य अनुभूति कानपुर के पास स्थित तीर्थ स्थल बिठूर के गणेश मंदिर में आसानी से होती है, जहां बप्पा की कृपा हर भक्त महसूस कर सकता है।

मंदिर का इतिहास

बिठूर के गणेश मंदिर का इतिहास आदि काल से जुड़ा हुआ है ल यह मंदिर 400 साल से भी ज्यादा पुराना है। क्रांतिकारी नानाराव पेशवा और रानी लक्ष्मीबाई भी यहां दर्शन के लिए आते थे। मंदिर में स्थापित गणपति बप्पा की मूर्ति का मुख पूर्व दिशा की ओर है, इसलिए सूर्य और चंद्रमा की पहली किरण सीधे बप्पा पर पड़ती है। यहां भगवान को सिद्ध विनायक रूप में पूजा जाता है और उन्हें सिंदूर चढ़ाया जाता है। बिठूर का यह गणेश मंदिर इतना सिद्ध और चमत्कारी माना जाता है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं बप्पा जल्दी पूरी कर देते हैं। सिंदूर से सजे हुए गणपति बप्पा के दर्शन और पूजा करने से व्यक्ति को अच्छा स्वास्थ्य, पापों से मुक्ति, अच्छे लोगों का साथ, योग्य संतान, लंबी आयु और आठों सिद्धियां प्राप्त होती हैं।

प्रगट हुई मां गंगा

यहाँ प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक बार अंग्रेज सेना ने इस मंदिर को तोप से उड़ाने की कोशिश की, तब मां गंगा खुद प्रकट हो गईं। अचानक गंगा में बाढ़ आ गई और मंदिर बालू में पूरी तरह ढंक गया। बहुत खोजने के बाद भी अंग्रेज सैनिक गणेश प्रतिमा ढूंढ नहीं पाए। काफी समय बाद लोगों ने बालू के नीचे से गणेश जी की प्रतिमा को निकाला और फिर से पूजा शुरू की। तब से यह स्थान और भी चमत्कारी माना जाने लगा। इस प्राचीन मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा बाकी मंदिरों से अलग है। यहां बप्पा की सूंड़ दाहिनी ओर मुड़ी हुई है और वे अपने वाहन चूहे पर सवार हैं। ऐसी प्रतिमा बहुत ही दुर्लभ होती है और बहुत खास मानी जाती है।

TAGGED:buthur ganesh mandirganesh mganesh mandirganesh mandir kanpur
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article महेश नवमी 2025: जानें जून में तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा का सही तरीका
Next Article भक्त के भाव को रखने का मान, हनुमान जी ने दिया स्वयं प्रमाण
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!
Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

Hanuman Mandir
मंदिर

Hanuman Mandir : हनुमान जी का वो मंदिर जहां स्त्री रूप में हैं शनि देव

By दिव्यसुधा
प्रम्बनन शिव मंदिर
मंदिर

प्रम्बनन शिव मंदिर

By दिव्यसुधा
shiv mandir
मंदिर

Shiv Mandir : एशिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर, जिसके पत्थरों को थपथपाने से आती है डमरू की आवाज

By दिव्यसुधा
मंदिर

मध्य प्रदेश के इस मंदिर से है काशी विश्वनाथ मंदिर का संबंध, रात में अक्सर कहीं चली जाती थी नंदी

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?