Thursday, 16 Apr 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > अन्य > बाल धोने के दिन भी तय हैं! जानिए किन दिनों बाल धोने से नाराज़ होती हैं लक्ष्मी मां और बढ़ता है पितृ दोष
अन्य

बाल धोने के दिन भी तय हैं! जानिए किन दिनों बाल धोने से नाराज़ होती हैं लक्ष्मी मां और बढ़ता है पितृ दोष

दिव्यसुधा
Last updated: May 28, 2025 10:07 am
दिव्यसुधा
Share
maa laxmi
SHARE

भारतीय संस्कृति में हर परंपरा के पीछे एक गहरा आध्यात्मिक और ज्योतिषीय आधार होता है। पूजा-पाठ से लेकर जीवनशैली तक, हर कार्य के लिए समय और तिथि तय की गई है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण नियम है—”महिलाओं के बाल धोने का सही दिन”। जी हाँ, बाल धोने जैसी सामान्य लगने वाली आदत भी घर के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

अगर आप सोचती हैं कि बाल कभी भी धो लिए जाएं तो यह लेख ज़रूर पढ़ें। आइए जानते हैं किन-किन दिनों बाल धोने से बचना चाहिए और किस दिन इसे शुभ माना जाता है।

इन दिनों बाल धोना माना जाता है अशुभ
अमावस्या का दिन – पितृ दोष का खतरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन बाल धोना वर्जित है। इस दिन बाल धोने से पितृ दोष लगता है, जिससे परिवार में कलेश, रुकावट और आर्थिक तंगी बढ़ सकती है।

मंगलवार, गुरुवार और शनिवार – लक्ष्मी मां हो जाती हैं नाराज़
मान्यता है कि इन दिनों बाल धोने से घर की बरकत चली जाती है और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद घट जाता है। इसलिए महिलाएं इन तीन दिनों में बाल धोने से परहेज करें।

एकादशी और व्रत वाले दिन – व्रत हो सकता है निष्फल
धार्मिक रूप से यह दिन अत्यंत पवित्र होता है। इन तिथियों पर बाल धोने से आपके व्रत और पूजा-पाठ का पुण्य फल नष्ट हो सकता है।

सूर्यास्त के समय – कलह और बीमारी का संकेत
शाम के समय बाल धोने से घर में तनाव, कलह और बीमारियों का असर बढ़ सकता है। यह समय नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव में माना गया है।

पति के काम पर जाते ही बाल न धोएं
मान्यता है कि जैसे ही पति किसी महत्वपूर्ण काम या यात्रा के लिए निकलें, तुरंत बाद बाल धोना अशुभ होता है। इससे उनके कार्यों में अड़चन आ सकती है।

बुधवार को अविवाहित लड़कियां न धोएं बाल
बुधवार को बाल धोने से भाई की सेहत और जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं, इसलिए कुंवारी लड़कियों को इस दिन बाल धोने से बचना चाहिए।

इन दिनों बाल धोना है बेहद शुभ

शुक्रवार – लक्ष्मी कृपा पाने का सुनहरा मौका
शुक्रवार को बाल धोना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन बाल धोने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

मासिक धर्म के पांचवें दिन या एक सप्ताह बाद
पीरियड्स के बाद शुद्ध होकर पांचवें दिन बाल धोना और फिर पूजा करना अविवाहित लड़कियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

ध्यान रखें ये बातें

त्योहार या व्रत वाले दिन बाल न धोएं।

शुभ कार्य से पहले बाल धोना सही है, लेकिन समय का ध्यान रखें।

नियमों का पालन केवल परंपरा नहीं, जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का तरीका है।

TAGGED:budhvarbudhwar ke upaymaa laxmipitradoshसनातन धर्म
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article panchang 28 May 2025 Ka पंचांग : दैनिक पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
Next Article कनिपकम गणपति मंदिर कनिपकम गणपति मंदिर : तीन बातें जो इसे बनाती हैं अद्भुत
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

पंचांग

Aaj Ka Panchang, 23 May 2025 : आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त

By दिव्यसुधा
हिंदू नववर्ष पर घर में लाई जा रही शुभ वस्तुएं जैसे चांदी का सिक्का, तुलसी का पौधा और कमल का फूल
अन्य

हिंदू नववर्ष 2026: इन शुभ वस्तुओं को घर लाकर करें साल की मंगलमय शुरुआत

By Ekta Mishra
भगवान जगन्नाथ मंदिर
मंदिर

History of Lord Jagannath: एक मंदिर जो बताता है आने वाले कल के बारे में।

By दिव्यसुधा
सोम प्रदोष व्रत और रवि योग के दिन भगवान शिव की पूजा करते हुए भक्त
व्रत और त्योहार

शुभ संयोग: सोम प्रदोष व्रत और रवि योग का महत्व भगवान शिव की कृपा का अद्भुत अवसर

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?