Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > नवरात्रि विशेष… माँ ब्रह्मचारिणी की कहानी, कैसे पड़ा इनका नाम उमा
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… माँ ब्रह्मचारिणी की कहानी, कैसे पड़ा इनका नाम उमा

दिव्यसुधा
Last updated: April 3, 2025 11:27 am
दिव्यसुधा
Share
माँ ब्रह्मचारिणी
SHARE

नवरात्रि के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है इस दिन भक्त अपने मन को माँ के चरणों में लगाते है। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है। माँ दुर्गाजी का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनन्तफल देने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता।

|| दधाना कर पद्माभ्यामक्ष माला कमण्डलु | देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ||

मां ब्रह्मचारिणी ने अपने पूर्व जन्म में राजा हिमालय के घर में पुत्री रूप में लिया था. देवर्षि नारद के उपदेश से मां ब्रह्मचारिणी नेशिव जी को अपने पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यंत कठिन तपस्या की थी. इस कठिन तपस्या के कारण ब्रह्मचारिणी नाम से अभिहित किया गया. एक हज़ार वर्ष तक उन्होंने केवल फल, मूल खाकर व्यतीत किए और सौ वर्षों तक केवल शाक पर निर्वाह किया था. कुछ दिनों तक कठिन उपवास रखते हुए देवी ने खुले आकाश के नीचे वर्षा और धूप के भयानक कष्ट भी सहे.

कई हज़ार वर्षों की इस कठिन तपस्या के कारण ब्रह्मचारिणी देवी का शरीर एकदम कमजोर हो उठा, उनकी यह स्थिति देखकर उनकी माता मैना बहुत दुखी हुई और उन्होंने उन्हें इस कठिन तपस्या से दूर करने के लिए दी उ मां…कह कर आवाज दी। तब से देवी ब्रह्मचारिणी का एक नाम उमा भी पड़ गया. उनकी इस तपस्या से तीनों लोकों में हाहाकार मच गया. देवता, ऋषि, सिद्धगण, मुनि सभी देवी ब्रह्मचारिणी की इस तपस्या को अभूतपूर्व पुण्यकृत्य बताते हुए उनकी सराहना करने लगे.

अंत में ब्रह्मा जी ने आकाशवाणी के द्वारा उन्हें संबोधित करते हुए प्रसन्न स्वर में कहा- हे देवी! आज तक किसी ने ऐसी कठोर तपस्या नहीं की जिस प्रकार तुमने की है. तुम्हारे इस तपस्या की चारों ओर सराहना हो रही हैं. तुम्हारी मनोकामना सर्वतोभावेन परिपूर्ण होगी. भगवान चंद्रमौलि शिवजी तुम्हे पति रूप में प्राप्त अवश्य होंगे. अब तुम तपस्या से विरत होकर घर लौट जाओ शीघ्र ही तुम्हारे पिता तुम्हें बुलाने आ रहे हैं. इसके बाद माता घर लौट आएं और कुछ दिनों बाद ब्रह्मा के लेख के अनुसार उनका विवाह महादेव शिव के साथ हो गया.

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article maa shail putri नवरात्रि विशेष… चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री की कथा
Next Article chaitra navratri नवरात्रि विशेष…माँ दुर्गा के अलग-अलग रूप को, अलग-अलग प्रकार के भोग लगाने से पूरी होगी हर मनोकामना
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

नर्मदा जयंती पर मां नर्मदा की पावन धारा, आस्था और शांति का प्रतीक दृश्य
व्रत और त्योहार

नर्मदा जयंती 2026: आस्था, शांति और मां नर्मदा का आध्यात्मिक संदेश

By दिव्यसुधा
विनायक चतुर्थी 2026 भगवान गणेश पूजा और व्रत
व्रत और त्योहार

विनायक चतुर्थी 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त और वर्जित चंद्र दर्शन का महत्व

By दिव्यसुधा
व्रत और त्योहार

योगिनी एकादशी 2025: व्रत तिथि, पूजा विधि, महत्व और उपाय

By दिव्यसुधा
mata rani
व्रत और त्योहार

नवरात्रि विशेष… कब से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि, इस बार 8 दिन क्यों, जानें शुभ योग

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?