Monday, 19 Oct 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > आरती/मंत्र > मां सिद्धिदात्री की आरती: जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता, पढ़ें पूरी आरती
आरती/मंत्र

मां सिद्धिदात्री की आरती: जय सिद्धिदात्री मां, तू सिद्धि की दाता, पढ़ें पूरी आरती

दिव्यसुधा
Last updated: October 18, 2026 6:33 pm
दिव्यसुधा
Share
कमल पर विराजमान मां सिद्धिदात्री की दिव्य तस्वीर
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा और आरती की जाती है।
SHARE

नवरात्रि के नौवें दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को सिद्धियां प्रदान करने वाली देवी हैं। उन्हें ज्ञान, शक्ति, सफलता और आध्यात्मिक उन्नति की अधिष्ठात्री माना जाता है। महानवमी के पावन अवसर पर मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा करने के बाद उनकी आरती करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से मां की आराधना करने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति को जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है।

Contents
मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri Aarti Lyrics in Hindi)मां सिद्धिदात्री की आरती का धार्मिक महत्वमां सिद्धिदात्री की आरती कैसे करें?

मां सिद्धिदात्री की पूजा के दौरान भक्त फूल, फल, मिठाई और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करते हैं। इसके बाद दीपक जलाकर मां की आरती की जाती है। आइए, पढ़ते हैं मां सिद्धिदात्री की संपूर्ण आरती।

मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri Aarti Lyrics in Hindi)

जय सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता।
तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम॥

तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
तू जगदम्बे दाती तू सर्वसिद्धि है॥

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो॥

तू सब काज उसके करती है पूरे।
कमी कोई रहने न देती है तू रे॥

तुम्हारी दया से ही सब काम होता है।
न मेरा न तेरा ये नाम होता है॥

श्रद्धा और भक्ति से जो मैया गाए।
उसी की सुमेर में तू मन को रमाए॥

मां सिद्धिदात्री की आरती का धार्मिक महत्व

मां सिद्धिदात्री की आरती में देवी की कृपा, उनकी शक्ति और भक्तों के प्रति उनके वात्सल्य का वर्णन मिलता है। आरती के माध्यम से भक्त मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और जीवन में सुख, शांति तथा सद्बुद्धि की कामना करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की उपासना से व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति और आत्मविश्वास प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। आरती करते समय मन को शांत रखकर मां का ध्यान करना और उनके गुणों का स्मरण करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

मां सिद्धिदात्री की आरती कैसे करें?

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें।
  2. मां सिद्धिदात्री की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।
  3. मां को पुष्प, फल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित करें।
  4. शांत मन से मां सिद्धिदात्री के मंत्रों का जाप करें और उनकी आरती गाएं।
  5. अंत में मां से परिवार की सुख-शांति, सद्बुद्धि और सभी के कल्याण की प्रार्थना करें।

नवरात्रि की महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आरती के साथ कन्या पूजन और जरूरतमंदों की सहायता करने की परंपरा भी निभाई जाती है। इस दिन मां की आराधना करते हुए सेवा, करुणा और सदाचार को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।

जय माता दी! जय मां सिद्धिदात्री!

TAGGED:DivyaSudhaHindu DevotionMaa Siddhidatri Aartinavratri aartiदुर्गा माता की आरतीनवरात्रिमहानवमीमां सिद्धिदात्रीमां सिद्धिदात्री की आरतीसिद्धिदात्री माता
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 19 October 2026 Daily Horoscope कल का राशिफल 18 अक्टूबर 2026: मेष से मीन तक 12 राशियों का भविष्यफल
Next Article कमल पर विराजमान मां सिद्धिदात्री, चार भुजाओं में शंख, चक्र, गदा और कमल धारण किए मां दुर्गा का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री: आठ सिद्धियों की दात्री और अर्धनारीश्वर स्वरूप का दिव्य रहस्य
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

"मृत्युंजय महाकाल की आरती करते भक्त, त्रिलोकेश्वर त्रिकाल का स्तोत्र"
आरती/मंत्र

मृत्युंजय महाकाल की आरती: काल की विकराल और त्रिलोकेश्वर त्रिकाल स्तोत्र

By दिव्यसुधा
गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और तीसरे दिन घर लौटने की धार्मिक मान्यता
अन्य

मृत्यु के बाद आत्मा की स्थिति: गरुड़ पुराण की मान्यता

By दिव्यसुधा
भगवान नरसिंह खंभे से प्रकट होकर हिरण्यकश्यप का वध करते हुए
भगवान

जानें आखिर भगवान विष्णु ने क्यों लिया नरसिंह का अवतार

By दिव्यसुधा
मां धूमावती की आरती का आध्यात्मिक चित्रण, जिसमें देवी का रहस्यमय स्वरूप, धूप-दीप और भक्तों की श्रद्धा को दर्शाया गया है।
आरती/मंत्र

मां धूमावती की आरती: लाभ, पूजा विधि और महत्व

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?