Wednesday, 7 Oct 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > व्रत और त्योहार > इंदिरा एकादशी 2026: पितरों की शांति के लिए खास है यह व्रत
व्रत और त्योहार

इंदिरा एकादशी 2026: पितरों की शांति के लिए खास है यह व्रत

दिव्यसुधा
Last updated: October 5, 2026 12:15 pm
दिव्यसुधा
Share
इंदिरा एकादशी 2026: तिथि और पारण समय
इंदिरा एकादशी 2026 की तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पारण समय से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
SHARE

हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी का व्रत रखा जाता है। पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने के साथ पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत पितरों की शांति और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना से किया जाता है।

कब है इंदिरा एकादशी 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 6 अक्टूबर 2026 को रात 2 बजकर 7 मिनट से शुरू होगी और 7 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा।

इंदिरा एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त
इंदिरा एकादशी के दिन पूजा के लिए चौघड़िया के अनुसार शुभ समय इस प्रकार बताया गया है—
सुबह का लाभ चौघड़िया: 10:40 बजे से 12:09 बजे तक।
शुभ चौघड़िया: दोपहर 3:05 बजे से 4:33 बजे तक।
शाम का लाभ चौघड़िया: शाम 7:33 बजे से रात 9:05 बजे तक।

इंदिरा एकादशी 2026 पारण समय
द्रिक पंचांग के अनुसार, इंदिरा एकादशी व्रत का पारण 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 39 मिनट तक किया जा सकता है। पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है।

इंदिरा एकादशी पूजा विधि
इंदिरा एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थल को साफ करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक और धूप जलाएं। भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद उन्हें पीले चंदन, अक्षत, फूल और माला अर्पित करें। भोग में तुलसी दल अवश्य रखें। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम, विष्णु चालीसा या एकादशी व्रत कथा का पाठ कर भगवान विष्णु की आरती करें। दिनभर व्रत रखते हुए शाम को भी भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। अगले दिन द्वादशी तिथि में पारण के साथ व्रत पूर्ण किया जाता है।

इंदिरा एकादशी पर करें पितरों का तर्पण
पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इंदिरा एकादशी को पितरों के स्मरण और तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों का स्मरण करते हुए तर्पण, श्राद्ध या पिंडदान किया जा सकता है। कुछ परंपराओं में इस दिन गरुड़ पुराण का पाठ करने की भी मान्यता है। पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने की भावना से किए गए इन कर्मों को धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। परिवार की परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार विधि में अंतर हो सकता है।

इंदिरा एकादशी 2026 का महत्व
इंदिरा एकादशी पितृ पक्ष के दौरान आती है, इसलिए इसका महत्व विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और एकादशी व्रत करने के साथ पितरों का स्मरण करने से उनकी शांति की कामना की जाती है। माना जाता है कि भगवान विष्णु की आराधना से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इंदिरा एकादशी केवल व्रत का अवसर नहीं, बल्कि भगवान विष्णु की भक्ति, आत्मसंयम और पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी पर्व है।

TAGGED:Ekadashi 2026Ekadashi ParanEkadashi Puja VidhiEkadashi VratHindu FestivalsHindu ReligionHindu Ritualsindira ekadashiIndira Ekadashi 2026Indira Ekadashi ParanLord VishnuPitru PakshaPitru ShantiPitru TarpanSanatan DharmaShradhSpiritualityVishnu Puja
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article 7 अक्टूबर 2026 का दैनिक राशिफल सभी 12 राशियों के लिए 5 अक्टूबर 2026: किस राशि पर बरसेगी किस्मत? जानें आज का राशिफल
Next Article घर में तुलसी का पौधा रखने की सही दिशा और किन 7 जगहों पर इसे नहीं रखना चाहिए तुलसी का पौधा इन 7 जगहों पर न रखें, जानें वास्तु नियम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

सावन सोमवार व्रत पूजा सामग्री और भगवान शिव की आराधना
व्रत और त्योहार

सावन सोमवार व्रत 2026: पूजा सामग्री, विधि और महत्व

By दिव्यसुधा
नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा का चित्र, जपमाला और कमंडल के साथ शांत स्वरूप
व्रत और त्योहार

 आइए जाने नवरात्रि के दूसरे दिन किस माता की पूजा की जाती है और इसका महत्व

By दिव्यसुधा
अयोध्या में प्रतिष्ठा द्वादशी पर राम मंदिर और उप-मंदिरों पर ध्वज फहराने का भव्य दृश्य
मंदिर

प्रतिष्ठा द्वादशी राम मंदिर: दूसरी प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन

By दिव्यसुधा
"होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त और होली की तैयारी के लिए आग जलाते लोग।"
व्रत और त्योहार

होलिका दहन 2026: सही तारीख कौन सी – 2 मार्च या 3 मार्च?

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?