“दिव्यसुधा – भक्ति की अमृत धारा” के जुलाई अंक में आपका हार्दिक स्वागत है। सनातन परंपरा केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाला ज्ञान, भक्ति और आत्मचिंतन का मार्ग भी है। इसी भावना के साथ हम इस अंक में ऐसे विषय लेकर आए हैं, जो आस्था के साथ-साथ जीवन के गहरे रहस्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अंक में आप गुंडिचा मंदिर और रथ यात्रा के उस अद्भुत महत्व को जानेंगे, जिसे पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति का मार्ग माना गया है। आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 में दस महाविद्याओं की साधना, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग की दिव्यता और भगवान के भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाने वाली प्रेरक कथाएं आपको आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेंगी। वहीं लक्ष्मण रेखा का रहस्य, विट्ठल द्वारा शिवलिंग धारण करने की कथा, भीम और कीचक प्रसंग, तथा महाभारत के पांच सबसे बड़े धोखे जैसे लेख धर्मग्रंथों के कम चर्चित लेकिन अत्यंत रोचक पक्षों को सामने लाते हैं।
इस अंक में हमने उन रहस्यमयी मंदिरों की भी चर्चा की है, जहां सूर्यास्त के बाद विशेष परंपराओं और रहस्यमयी मान्यताओं का उल्लेख मिलता है। साथ ही, महिलाओं और पुरुषों के प्रवेश से जुड़े धार्मिक नियमों वाले मंदिरों के पीछे की मान्यताओं को भी सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। हनुमान जी, सुग्रीव, सत्यभामा, विष्णु और शिव से जुड़ी प्रेरक कथाएं यह बताती हैं कि भक्ति, समर्पण और धर्म का मार्ग जीवन को किस प्रकार प्रकाशमय बनाता है।
हमें विश्वास है कि दिव्यसुधा का यह जुलाई अंक आपके भीतर श्रद्धा, सकारात्मकता और आत्मिक ऊर्जा का संचार करेगा तथा भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के प्रति आपकी समझ को और गहरा बनाएगा।
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