राजस्थान के सीकर जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम जी मंदिर में एक बार फिर भक्तों की आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। करीब 19 घंटे तक मंदिर के पट बंद रहने के बाद बाबा श्याम के दिव्य तिलक श्रृंगार के साथ मंदिर को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही मंदिर परिसर “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” और जय श्री श्याम के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दूर से आए श्रद्धालु बाबा के मनमोहक और अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
तिलक श्रृंगार के बाद बदला बाबा श्याम का स्वरूप
मंदिर परंपरा के अनुसार बाबा श्याम समय-समय पर अपने अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। तिलक श्रृंगार के बाद अब बाबा श्याम श्याम वर्ण रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। इस स्वरूप में बाबा के मस्तक पर विशेष चंदन लेप किया जाता है, जो उनकी दिव्यता और सौंदर्य को और अधिक आकर्षक बना देता है।
खाटूश्याम जी मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार बाबा महीने में दो प्रमुख स्वरूपों में दर्शन देते हैं। पहला शालिग्राम स्वरूप होता है, जिसमें बाबा अपने मूल रूप में दिखाई देते हैं और यह दर्शन भक्तों को केवल कुछ दिनों के लिए ही प्राप्त होते हैं। दूसरा श्याम वर्ण स्वरूप है, जिसमें बाबा लगभग 22 से 23 दिनों तक भक्तों को दर्शन देते हैं। यह स्वरूप श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र माना जाता है।
विशेष विधि-विधान से किया जाता है तिलक श्रृंगार
मंदिर कमेटी के अनुसार अमावस्या के अवसर पर बाबा श्याम के विग्रह को स्नान करवाने के बाद चंदन का पुराना लेप हटाया जाता है। इसके बाद संपूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक परंपराओं के साथ तिलक श्रृंगार की प्रक्रिया संपन्न की जाती है। इस दौरान मंदिर के पट लगभग 19 घंटे तक बंद रखे जाते हैं और केवल मुख्य पुजारियों को ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति होती है।
श्रृंगार पूर्ण होने के बाद जब मंदिर के द्वार खोले जाते हैं तो भक्तों को बाबा के नए स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि तिलक श्रृंगार के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है।
देशभर से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
तिलक श्रृंगार के बाद दर्शन शुरू होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए खाटूधाम पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर कमेटी ने 75 फीट लंबे दर्शन मार्ग पर 14 कतारों की विशेष व्यवस्था की है, जिससे भक्तों को सुचारु रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।
मंदिर परिसर और दर्शन मार्ग पर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस प्रशासन और श्री श्याम मंदिर कमेटी के स्वयंसेवक लगातार व्यवस्था संभाल रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वीकेंड पर दिन में बंद नहीं रहेगा मंदिर
सामान्य दिनों में खाटूश्याम जी मंदिर दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक बंद रहता है, लेकिन शनिवार और रविवार को भक्तों की अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष निर्णय लिया है। वीकेंड के दौरान मंदिर दिन में बंद नहीं किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकें।
इसके अलावा एकादशी और द्वादशी जैसे विशेष धार्मिक अवसरों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर मंदिर को देर रात तक खुला रखा जाता है। बाबा श्याम के तिलक श्रृंगार के बाद इन दिनों खाटूधाम में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है, जहां हर भक्त अपने आराध्य के दर्शन कर जीवन को धन्य मान रहा है।