16 जून 2026, मंगलवार को सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस समय मिथुन राशि में पहले से ही बुध ग्रह स्थित हैं, जिससे दोनों ग्रहों की युति बनेगी और “बुधादित्य योग” का निर्माण होगा। साथ ही बुध अपनी स्वराशि मिथुन में होने के कारण “भद्र राजयोग” भी बनेगा। यह संयोग कई राशियों के लिए शुभ परिणाम देने वाला रहेगा, लेकिन कुछ राशियों को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह गोचर 15 जून की मध्यरात्रि के बाद लगभग 12:12 बजे प्रभाव में आ जाएगा, लेकिन इसका मुख्य प्रभाव 16 जून से माना जाएगा। यह समय करियर, परिवार, स्वास्थ्य और आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
वृषभ राशि पर सूर्य गोचर का प्रभाव
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह गोचर दूसरे भाव में प्रभाव डाल रहा है। इस अवधि में परिवार और करियर से जुड़े मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है। विशेष रूप से वाणी पर नियंत्रण रखना अत्यंत आवश्यक होगा, क्योंकि गलत शब्द रिश्तों में तनाव पैदा कर सकते हैं।
परिवार में किसी विषय को लेकर मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं, इसलिए शांत रहकर संवाद करना बेहतर रहेगा। जीवनसाथी के साथ किसी भी प्रकार की बहस से बचें, क्योंकि इससे संबंधों में दूरी आ सकती है। हालांकि, इस समय माता का सहयोग और समर्थन आपको मानसिक मजबूती प्रदान करेगा।
उपाय:
रविवार को लाल या नारंगी वस्त्र धारण करें
मसूर की दाल का दान करें
कर्क राशि पर सूर्य गोचर का प्रभाव
कर्क राशि के लिए यह गोचर द्वादश भाव में प्रभाव डाल रहा है, जो खर्च, हानि, विदेश यात्रा और मानसिक दबाव से जुड़ा होता है। इस अवधि में धन संबंधी मामलों में अत्यधिक सतर्कता आवश्यक होगी।
किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश, विशेषकर शेयर बाजार में, सोच-समझकर ही करें। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान का कारण बन सकता है। रिश्तों में गलतफहमियां भी उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए संवाद बनाए रखना जरूरी होगा। साथ ही स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी इस समय बेहद आवश्यक है।
उपाय:
नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करें
“ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
मकर राशि पर सूर्य गोचर का प्रभाव
मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य छठे भाव में गोचर करेंगे। यह समय प्रतिस्पर्धा और कार्यक्षेत्र से जुड़ा रहेगा। कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के विवाद से बचना आवश्यक है, क्योंकि यह आपकी छवि और प्रगति पर प्रभाव डाल सकता है।
परिवार, जीवनसाथी और मित्रों के लिए समय निकालना जरूरी होगा, अन्यथा संबंधों में दूरी आ सकती है। आर्थिक मामलों में भी सावधानी रखें और जल्दबाजी से बचें। हालांकि, आपकी मेहनत और प्रयासों का सकारात्मक परिणाम भी प्राप्त होगा।
उपाय:
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें
बड़े-बुजुर्गों और पिता का आशीर्वाद लें
कुंभ राशि पर सूर्य गोचर का प्रभाव
कुंभ राशि के लिए यह गोचर पंचम भाव में प्रभाव डाल रहा है। इस समय वाणी और व्यवहार में संयम रखना अत्यंत आवश्यक होगा। कार्यस्थल पर किसी भी नई योजना को आगे बढ़ाने से पहले पूरी तरह विचार करें।
जल्दबाजी में लिया गया निर्णय नुकसान का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर ध्यान देना भी जरूरी रहेगा। यह समय धैर्य और संतुलन बनाए रखने का है।
उपाय:
तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें
जरूरतमंदों को लाल वस्त्र, गेहूं और मसूर दाल का दान करें
मीन राशि पर सूर्य गोचर का प्रभाव
मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे, जो घर, माता और संपत्ति से जुड़ा होता है। इस अवधि में पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। संपत्ति से जुड़े मामलों में तनाव उत्पन्न हो सकता है, जिससे पारिवारिक संबंधों पर प्रभाव पड़ सकता है। मानसिक तनाव से बचना इस समय बेहद जरूरी होगा।
उपाय:
रविवार को सूर्य देव की आराधना करें
गायत्री मंत्र और सूर्य चालीसा का पाठ करें
सूर्य गोचर मिथुन राशि में बुध के साथ मिलकर कई शुभ योग बना रहा है, लेकिन इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। कुछ राशियों के लिए यह समय अवसर लेकर आएगा, जबकि कुछ के लिए यह सतर्कता और संयम का समय रहेगा। सही उपाय, धैर्य और समझदारी से इस अवधि को संतुलित और सकारात्मक बनाया जा सकता है।