ब्रह्मा मंदिर की पवित्र नगरी में स्थित माता दुर्गा मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध इस स्थान की सबसे अनोखी पहचान है यहां की दीवारों पर लगी हजारों लाल बिंदियां। यह दृश्य न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि विवाहित महिलाओं की श्रद्धा और विश्वास की जीवंत अभिव्यक्ति भी माना जाता है।
सुहाग की रक्षा से जुड़ी है विशेष मान्यता
मंदिर में आने वाली सुहागिन महिलाएं माता दुर्गा को बिंदी अर्पित करती हैं और मंदिर की दीवारों पर उसे चिपकाकर अपने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से यहां बिंदी अर्पित करने पर माता दुर्गा अपने भक्तों के सुहाग की रक्षा करती हैं और जीवन में खुशहाली बनाए रखती हैं।
मंदिर में प्रवेश करते ही चारों ओर दिखाई देने वाली लाल बिंदियां श्रद्धा की ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करती हैं, जो हर किसी को भाव-विभोर कर देती है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु इस परंपरा को पूरी आस्था के साथ निभाते हैं और माता के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित करते हैं।
मनौती पूरी होने के बाद शुरू हुई परंपरा
मंदिर के पुजारियों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों पहले एक महिला की मनौती पूरी होने के बाद शुरू हुई थी। अपनी इच्छा पूर्ण होने पर उसने माता को बिंदी अर्पित की और मंदिर की दीवार पर लगाई। धीरे-धीरे यह परंपरा हजारों महिलाओं की आस्था का हिस्सा बन गई। आज यहां आने वाली हर महिला श्रद्धा के साथ बिंदी अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करती है।
पुजारियों का कहना है कि माता दुर्गा सच्चे मन से मांगी गई हर प्रार्थना सुनती हैं और अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखती हैं। यही कारण है कि यह मंदिर अब केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि महिलाओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक बन चुका है।
श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
जोधपुर से दर्शन करने आई लक्ष्मी ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पुष्कर आई थीं। माता दुर्गा मंदिर की इस अनोखी परंपरा के बारे में जानने के बाद उन्होंने भी बिंदी अर्पित कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। वहीं श्रद्धालु रेखा भाटी का कहना है कि माता दुर्गा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं। इसी विश्वास के साथ उन्होंने मंदिर की दीवार पर बिंदी लगाकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
आस्था, परंपरा और विश्वास का यह अद्भुत संगम पुष्कर के इस मंदिर को भक्तों के लिए और भी विशेष बना देता है।