हिंदू धर्म में भगवान गणेश को रिद्धि-सिद्धि और धन-संपत्ति देने वाले देवता माना जाता है। कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले उनकी पूजा की जाती है ताकि काम में कोई रुकावट न आए। माना जाता है कि अगर गणेश जी के 12 नामों का जाप, स्तोत्र का पाठ और पूजा सही तरीके से की जाए, तो हर कार्य में सफलता मिलती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में 24 चतुर्थी तिथियां होती हैं, जो सभी भगवान गणेश को समर्पित होती हैं। साल 2025 में आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी खास होगी, क्योंकि इस दिन ब्रह्म योग बन रहा है। यह योग बहुत ही दुर्लभ और शुभ माना जाता है, जो अच्छे फल देता है।
क्यों है खास ब्रह्म योग
ब्रह्म योग एक बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली योग होता है। “ब्रह्म” का मतलब होता है संपूर्णता, ज्ञान और सृजन। इस योग में किया गया कोई भी काम सफल होता है और उसका फल कई गुना अधिक मिलता है। इसलिए जब कोई व्रत या पूजा ब्रह्म योग में किया जाए, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
ब्रह्म योग का महासंयोग
साल 2025 में गणेश चतुर्थी का व्रत 14 जून को रखा जाएगा। इसी दिन ब्रह्म योग भी बन रहा है, जो बहुत शुभ माना जाता है। यह योग 14 जून की सुबह 3 बजकर 47 मिनट से शुरू होगा और 15 जून दोपहर 3 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। इस समय भगवान गणेश की पूजा, व्रत या स्तोत्र पाठ करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं। खासकर छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलती है और जिन लोगों को कोर्ट-कचहरी, सरकारी कामों या ग्रह दोष की समस्याएं हैं, उन्हें भी इसका विशेष लाभ प्राप्त होता है।
ब्रह्मयोग में करें पूजा
ब्रह्म योग के दिन गणेश जी की पूजा विधि- विधान से करना और व्रत रखना शुभ माना जाता है। इस दिन उनके 12 नामों का जाप, गणेश अथर्वशीर्ष और संकटनाशन स्तोत्र का पाठ अवश्य करें। इस योग में नवग्रहों की शांति के उपाय या पढ़ाई से जुड़ा कोई नया काम शुरू करना फायदेमंद होता है। साथ ही, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना, वाहन या जमीन खरीदना जैसे शुभ काम भी किए जा सकते हैं। अगर आप कोर्ट केस, सरकारी अड़चन या पुराने कर्ज से परेशान हैं, तो इस दिन पूजा और अनुष्ठान करने से राहत मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
ब्रह्म योग में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा में ले जाता है। यह दिन विद्यार्थियों के लिए भी बेहद लाभकारी होता है क्योंकि गणेश जी बुद्धि और विद्या के देवता माने जाते हैं।