Thursday, 5 Feb 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > महाकाल मंदिर के समान है यह मंदिर, जिसका निर्माण राजा विक्रमादित्य ने बहन के लिए कराया था
मंदिर

महाकाल मंदिर के समान है यह मंदिर, जिसका निर्माण राजा विक्रमादित्य ने बहन के लिए कराया था

दिव्यसुधा
Last updated: April 9, 2025 7:11 am
दिव्यसुधा
Share
mahadev
SHARE

देवों के देव महादेव की महिमा के बारे में तो आप सब जानते हैं। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन उनकी पूजा के लिए विशेष माना जाता है। यूं तो देश में शिव जी के कई सारे मंदिर हैं जहां भक्तजन उनके दर्शन के लिए जाते हैं। आज हम आपको महादेव के ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको राजा विक्रमादित्य ने अपनी बहन के लिए बनवाया था।

दरअसल, राजा विक्रमादित्य ने उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर का निर्माण करवाया था. यह के लोगो के अनुसार है कि उन्होंने अपनी बहन सुंदरा से किए गए एक वादे के अनुसार शाजापुर जिले के सुंदरसी गांव में एक मंदिर का निर्माण करवाया था जो एकदम महाकाल मंदिर की तरह ही दिखाई देता है. कालीसिंध नदी के तट पर छोटी अवंतिका नाम से क्षेत्र में प्रसिद्ध इस मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, खास बात यह है कि इस मंदिर को लेकर एक कहानी भी है.

यह मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है. मंदिर में लगे पुरातत्व विभाग के शिलालेख में यह जानकारी बताई गई है कि इस मंदिर का निर्माण राजा विक्रमादित्य ने करवाया था. किदवंती के अनुसार ऐसा बताते हैं कि राजा विक्रमादित्य ने अपनी बहन सुंदरा को वचन दिया था कि मैं तुम्हारी शादी ऐसी जगह करूंगा जहां पर अवंतिका के जैसा तीर्थ स्थल हों और जिस नगर में अवंतिका जैसे मंदिरों की सभी सुविधाएं मौजूद होगी.

राजा विक्रमादित्य के लिए बनवाया सुंदरगढ़ –
राजा ने अपने वचन को पूरा करने के लिए कालीसिंध नदी के तट पर सुंदरगढ़ नाम से एक नगर बसाया. इसी सुंदरगढ़ नगर को अब को अब सुंदरसी कहा जाता है. राजा विक्रमादित्य ने कालीसिंध नदी के कुंआरे पर बसे सुंदरगढ़ में भव्य मंदिर का निर्माण करवाया और इसके चारों तरफ काल भैरव, नवग्रह, बड़े गणेश, चिंताहरण गणेश, गोपाल मंदिर, बाबा की कुटिया सहित अन्य मंदिरों का निर्माण भी कराया. मंदिर के निर्माण के बाद राजा विक्रमादित्य ने अपनी बहन सुंदरा का विवाह कराया था.

मान्यतानुसार, मंदिर के गर्भ गृह में एक गुफा स्थित है जिससे सुंदराबाई को स्नान करने के लिए उज्जैन से शिप्रा नदी का जल लाने के लिए‌ इस गुफा का निर्माण कराया गया था. इसके बाद तपस्वी साधु-संतों के द्वारा बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए इस गुफा के रास्ते से हो करके शिप्रा तट पर निकलते थे और उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन साधु संतों के द्वारा किया जाता था. आज यहां पर गुफा का गर्भ गृह वाला भाग तो सही है लेकिन अंदर से इस गुफा का हिस्सा बंद कर दिया गया है, आज भी यहां पर कई जीवंत समाधिया हैं.

दूर-दूर से पहुंचते हैं भक्त –
हरियाली से ओतप्रोत यह मंदिर अपनी अलग ही छटा दर्शाता है. खास बात यह है कि स्थानीय लोग इस मंदिर की महिमा उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर की तरह ही मानते हैं. नदी के किनारे पर बसा इस मंदिर पर यदि शासन और प्रशासन के द्वारा अगर ध्यान दिया जाए तो निश्चित ही यहां पर्यटन क्षेत्र बन सकता है प्रशासन के द्वारा यहां पर पर्यटक की दृष्टि से कार्य योजना तैयार करके निर्माण कार्य करवाना चाहिए ताकि इस मंदिर को पर्यटक स्थल की श्रेणी में लाया जा सके.

इस मंदिर की कुछ विशेषताएं भी हैं. मंदिर में गणेश मंदिर, नवग्रह, राम दरबार, सूर्यकुंड, गुफा, हनुमान मंदिर, काल भैरव, माता मंदिर भी बना हुआ है जिससे भक्तों को एक ही स्थान पर सभी भगवानों के दर्शन हो जाते हैं. इसके अलावा यह मंदिर चारों और परकोटा से घिरा हुआ है. जिससे इसकी सुंदरता देखने लयाक है. इस मंदिर में सावन के महीने में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. जबकि सोमवार के दिन यहां विशेष पूजन होती है.

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article बिजली महादेव कुल्लू के इस महादेव मंदिर के शिवलिंग पर गिरती है हर बारह साल में बिजली
Next Article bheem aur hidimba क्यों किया भीम ने राक्षसी हिडिम्बा से विवाह
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

कनिपकम विनायक मंदिर की स्वयंभू और बढ़ती हुई भगवान गणेश प्रतिमा – आंध्र प्रदेश का अद्भुत चमत्कार
मंदिर

कनिपकम विनायक मंदिर – जहां भगवान गणेश की प्रतिमा हर साल बढ़ती जाती है

By दिव्यसुधा
मंदिर

कैंची धाम जाने से पहले ज़रूर जान लें ये बातें: नीम करौली बाबा के दर्शन में न करें ये गलतियां

By दिव्यसुधा
मंदिर

जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों की जाती है सोने की झाड़ू से सफाई? जानिए इसका आध्यात्मिक महत्व

By दिव्यसुधा
माघ मेला 2026 के दौरान मां विंध्यवासिनी धाम में भक्तों की भीड़ और विशेष दर्शन व्यवस्था
मंदिर

माघ मेला 2026: मां विंध्यवासिनी धाम में विशेष दर्शन व्यवस्था और नियम

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?