Saturday, 30 Aug 2025
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > चंदौली में स्थित महाकाली मंदिर
मंदिर

चंदौली में स्थित महाकाली मंदिर

दिव्यसुधा
Last updated: April 5, 2025 12:27 pm
दिव्यसुधा
Share
kali mata mandir
SHARE

वाराणसी जिला चंदौली में स्थित महाकाली मंदिर में रोज सैंकडों लोग महाआरती में हिस्सा लेते हैं। इस महाआरती में आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से लोग आते हैं। आज हम आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बाते बताएंगे,

दरअसल, कहानी लगभग पांच सौ पहले साल पहले की है। यहां काशी के राजा उदित नारायण सिंह ने प्रभु इच्छा से एक काली मंदिर बनवाया। इसके बाद से यहां रोज शाम को होने वाली आरती का विशेष महत्व माना जाता है। इसके चलते आरती के समय इस मंदिर के चार सौ मीटर की परिधि में रहने वाला हर शख्स मंदिर में पहुंच जाता है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि ऐसा करने से उनके परिवार पर मां काली की विशेष कृपा रहती है। मां काली के मंदिर पर शाम छह बजते-बजते हरे रामा-हरे कृष्‍णा की जादुई धुन बजने लगती है। यह नजारा देखकर एक बार आपको लगेगा कि यहां कोई बड़ा धार्मिक आयोजन हो रहा है, लेकिन यह सत्य नहीं है। यहां लोग पूरी श्रद्घा और भक्तिभाव से मां काली का गुणगान करते हैं और उनसे अपने अभीष्ट या मनोवांछित फल की कामना करते हैं।

शाम 5 बजे ही शुरू होनें लगती है तैयारी
शाम पांच बजे से ही मंदिर में होने वाली भव्य आरती की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लोगों के हाथ में विभिन्न वाद्य यंत्र होते हैं। पूजा और आरती के लिए थाली मंदिर के पुजारी खुद तैयार करते हैं। इसके बाद शाम छह बजे से यहां महाआरती शुरू होती है। अब हम आपको ये बताएंगे कि ये महाआरती शुरू करने के पीछे का कारण क्या है, इसकी परंपरा कबसे चल रही है और इसकी मान्यता क्या है।

इस मंदिर के मान्यताओ की बात करें तो यहां कभी किसी जमाने में मां महाकाली को खुश करने के लिए बकरे की बलि दी जाती थी। हालांकि आज इस मान्यता और परंपरा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। मां काली आदिशक्ति हैं। गर्भगृह में जो महादेव बने विराजमान हैं, उनका नाम महाराजाधिराज के नाम से रखा गया है जों उदितेस्वर महादेव, प्रसिद्धेश्वर महादेव, दीपेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है। यहां पांचों देवता हैं, महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती और गणेश।

नवरात्रि में लगती है भक्तों की भीड़
यहां पर नवरात्रि के दिनों में सुबह से शाम तक भक्तों का आवागमन लगा रहता हैं। चकिया और आस-पास जिलों के भक्त दर्शन के लिए यहां आते हैं। श्रद्घालुओं की ऐसा मानना है कि मां काली भक्तो के सभी मनोकामना को पूरा करती हैं। यहां मां के प्रसाद में नारियल और लाचीदाना को मुख्य रूप से पसंद किया जाता हैं।

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article bhairav baba नवरात्रि विशेष… माँ दुर्गा के कन्या पूजन में भैरो को क्यों मिला स्थान
Next Article siddhidatri नवरात्रि विशेष… महानवमी के दिन पढ़ें मां सिद्धिदात्री की कथा, मां भगवती पूरी करेंगी हर इच्छा
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!
Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

shiv mandir
मंदिर

Shiv Mandir : एशिया का सबसे बड़ा शिव मंदिर, जिसके पत्थरों को थपथपाने से आती है डमरू की आवाज

By दिव्यसुधा
'बड़े पीपल का पेड़' वाला गणेश मंदिर
मंदिर

लखनऊ का अनोखा मंदिर ‘बड़े पीपल का पेड़’ वाला गणेश मंदिर

By दिव्यसुधा
एक मंदिर जहां शिवलिंग की जगह होती है बरगद के पेड़ की पूजा
मंदिर

एक मंदिर जहां शिवलिंग की जगह होती है बरगद के पेड़ की पूजा

By दिव्यसुधा
badrinath temple
मंदिर

Badrinath Temple : बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, जानिए मंदिर का इतिहास, महत्व और रहस्य

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?