Sunday, 22 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > केदारनाथ धाम के रक्षक भुकुंट भैरवनाथ के खुले कपाट, बाबा केदार की भव्य संध्या आरती का शुभारंभ
मंदिर

केदारनाथ धाम के रक्षक भुकुंट भैरवनाथ के खुले कपाट, बाबा केदार की भव्य संध्या आरती का शुभारंभ

दिव्यसुधा
Last updated: May 4, 2025 12:46 pm
दिव्यसुधा
Share
भुकुंट भैरवनाथ
SHARE

Written by : Ekta Mishra

उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के रक्षक भुकुंट भैरवनाथ के कपाट शनिवार को पूजा और विधि-विधान के साथ खोले गए। इससे एक दिन पहले, 2 मई को केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए थे। परंपरा के अनुसार, केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद जो पहला मंगलवार या शनिवार आता है, उसी दिन भैरवनाथ मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इसके बाद बाबा केदारनाथ धाम में नियमित आरतियों के साथ संध्या आरती भी शुरू हो जाती है। भारत में जहां भी भगवान शिव के प्रमुख मंदिर होते हैं, वहां कालभैरव के मंदिर जरूर होते हैं।

हवन-यज्ञ के बाद खोले गए कपाट

भुकुंट भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक माना जाता है। भगवान शिव के भक्तों में भैरवनाथ को सबसे शक्तिशाली माना गया है। शनिवार को जब भैरवनाथ के कपाट खोले गए, तब मुख्य पुजारी बागेश लिंग, हक-हकूकधारी और अन्य पुजारियों की मौजूदगी में यज्ञ-हवन और पूजा की गई। इस दौरान भैरवनाथ के पश्वा पर देवता अवतरित हुए और यात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया। केदारनाथ दर्शन के बाद भक्त भुकुंट भैरवनाथ के दर्शन करते हैं, तभी उनकी यात्रा पूरी मानी जाती है।

भुकुंट भैरवनाथ के पास होती है सुरक्षा की जिम्मेदारी

भुकुंट भैरवनाथ को केदारनाथ धाम का पहला रावल और क्षेत्रपाल माना जाता है। उनका मंदिर केदारनाथ से लगभग आधा किलोमीटर दूर, दक्षिण दिशा में स्थित है। यहां बाबा भैरवनाथ की मूर्ति खुले में स्थापित है। जब शीतकाल में केदारनाथ मंदिर बंद हो जाता है, तब उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भुकुंट भैरवनाथ के पास होती है। भगवान केदारनाथ की चल विग्रह डोली जब धाम के लिए रवाना होती है, तो उससे पहले भैरवनाथ की पूजा की जाती है। बिना पूजा के डोली रवाना नहीं होती।

श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला

केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई को श्रद्धालुओं के लिए विधि-विधान से खोल दिए गए। कपाट खुलने के बाद पहले ही दिन भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार को कुल 30,154 तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। इनमें 19,196 पुरुष, 10,597 महिलाएं और 361 बच्चे शामिल थे।

रविवार को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट

केदारनाथ धाम चारधाम यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आकर बाबा केदार के दर्शन करते हैं। इस वर्ष भी यात्रा के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। इससे पहले अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले गए थे, जहां भारी संख्या में भक्त मौजूद थे। अब रविवार को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खोले जाएंगे।

ये भी पढ़े –

6 महीने तक कौन करता है केदारनाथ में पूजा? जानिए रहस्य

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article bhanu saptmi भानु सप्तमी का रहस्य: पौराणिक महत्व, व्रत विधि और पुण्य फल
Next Article sita navmi सीता नवमी कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा 
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

मंदिर

मंदिर: 567 साल पुराने मंदिर का रहस्य, 700 सीढ़ियां चढ़कर मिलता है अखंड सौभाग्य का वरदान

By दिव्यसुधा
jeen mata mandir
मंदिर

जीण माता मंदिर, यहां के काजल से दूर होते हैं नेत्र रोग

By दिव्यसुधा
विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पवित्र पदचिह्न का दर्शन करते श्रद्धालु, फल्गु नदी तट स्थित प्राचीन मंदिर का दृश्य।
मंदिर

विष्णुपद मंदिर – आस्था, मोक्ष और सनातन परंपरा का पवित्र तीर्थ

By दिव्यसुधा
बसौड़ा पर्व के अवसर पर काशीपुर के श्री शीतला माता मंदिर में माता शीतला के दर्शन करते श्रद्धालु
मंदिर

बसौड़ा पर्व 2026: काशीपुर के श्री शीतला माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

By Ekta Mishra
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?