Sunday, 22 Mar 2026
  • About Divysudha
  • Contact Us
Subscribe
दिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
    • भगवान
    • मंदिर
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Facebook X-twitter Youtube Instagram
Font ResizerAa
दिव्य सुधादिव्य सुधा
  • सनातन धर्म
  • राशिफल
  • पंचांग
  • आरती/मंत्र
  • ग्रह-नक्षत्र
  • व्रत और त्योहार
  • वास्तु शास्त्र/हस्त रेखा
  • अन्य
Search
  • About Divysudha
  • Contact Us
Follow US
दिव्य सुधा > सनातन धर्म > मंदिर > एक मंदिर जहां शिवलिंग की जगह होती है बरगद के पेड़ की पूजा
मंदिर

एक मंदिर जहां शिवलिंग की जगह होती है बरगद के पेड़ की पूजा

दिव्यसुधा
Last updated: February 27, 2025 11:00 am
दिव्यसुधा
Share
एक मंदिर जहां शिवलिंग की जगह होती है बरगद के पेड़ की पूजा
SHARE

तमिलनाडु में बोडू अवुदैयार नामक मंदिर वर्ष में केवल एक दिन खुलता है, जहां भगवान शिव की पूजा शिवलिंग के बजाय बरगद के पेड़ के रूप में की जाती है. तमिलनाडु राज्य के तंजावुर जिले में एक मंदिर है, जो साल भर बंद रहता है और केवल कार्तिक माह में सोमवार को ही खुलता है. यह मंदिर बोडू अवुदैयार मंदिर है जो अपनी अनोखी परंपराओं और रहस्यमय मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. लोग इस बरगद के पेड़ को भगवान शिव का अवतार मानते हैं और श्रद्धापूर्वक इसकी पूजा करते हैं. वहीं, पूजा के दौरान प्रसाद के रूप में बरगद के पत्ते और पवित्र जल चढ़ाया जाता है.भक्तजन यहां विशेष प्रसाद चढ़ाते हैं और सच्चे मन से पूजा करते हैं.

मंदिर के नाम के पीछे रोचक कहानी तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित इस मंदिर का नाम बोडू अवुदैयार मंदिर कैसे पड़ा, इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है. किंवदंतियों के अनुसार, दो महान ऋषि – वंगगोबर और महागोबर – गहन ध्यान में थे और चर्चा कर रहे थे कि ईश्वर तक पहुंचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है: गृहस्थ जीवन या संन्यास? तब भगवान शिव स्वयं श्वेत कपास के वृक्ष के नीचे प्रकट हुए और ऋषियों को संदेश दिया कि सच्चे सिद्धांतों का पालन करने वाला व्यक्ति न तो किसी से श्रेष्ठ है और न ही किसी से कम. इसी कारण इस मंदिर के देवता को ‘पोट्टू अवुदैयार’ और ‘मथ्यपुरीश्वर’ भी कहा जाता है. यह मंदिर पूरे वर्ष बंद रहता है तथा केवल कार्तिक माह के सोमवार को ही इस मंदिर के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव अपने अनुयायियों के साथ इस मंदिर में वेल्लालल वृक्ष, यानी बरगद के पेड़ के नीचे आए थे और बाद में उसी वृक्ष में विलीन हो गए थे. इसी कारण से हर साल मध्य रात्रि में मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और विशेष पूजा की जाती है. अन्य दिनों में यह मंदिर पूर्णतः बंद रहता है.

मंदिर में होता है अनोखा दान हर साल कार्तिक माह के आखिरी सोमवार को हजारों भक्त शिव शंकर के दर्शन करनेयहां आते हैं और भगवान शिव को विभिन्न वस्तुएं अर्पित करते हैं. भक्तगण भगवान शिव को प्रसाद के रूप में सोना, चांदी, पीतल, पैसे के साथ-साथ चावल, दाल, उड़द, मसूर, तिल, नारियल, आम, इमली, मिर्च और सब्जियां चढ़ाते हैं. इसके साथ ही, यहाँ कुछ लोग भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बकरे और मुर्गे भी चढ़ाते हैं. उनका मानना ​​है कि इस तरह भगवान शिव का आशीर्वाद उनके सभी भक्तों पर रहता है और उनकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं.

Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article vishnu ji भगवान श्रीहरि विष्णु जी
Next Article राम कृष्ण परमहंस आध्यात्मिक गुरु स्वामी राम कृष्ण परमहंस जयंती
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सटीक और सामयिक अपडेट के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत!
सटीक, निष्पक्ष और तत्काल खबरों के लिए आपका विश्वसनीय स्रोत। हर पल के अपडेट्स के साथ रहें एक कदम आगे।
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
- विज्ञापन -

You Might Also Like

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में दर्शन करते हुए
मंदिर

दिल्ली से वृंदावन तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की भक्ति यात्रा

By दिव्यसुधा
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए निःशुल्क दर्शन
मंदिर

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष निःशुल्क दर्शन व्यवस्था

By Ekta Mishra
धार भोजशाला और बसंत पंचमी से जुड़ा आस्था और इतिहास का विवाद
मंदिर

बसंत पंचमी और भोजशाला विवाद: इतिहास, आस्था और सरस्वती पूजा का महत्व

By दिव्यसुधा
मंदिरसनातन धर्म

संगम किनारे क्यों मिलती है लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा? जानिए पौराणिक कथा का रहस्य

By दिव्यसुधा
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

दिव्यसुधा के बारे में!

दिव्य सुधा एक धार्मिक पत्रिका है जिसका उद्देश्य हिन्दू देवी-देवताओं की महिमा और सभी तीर्थ स्थलों की महत्ता, महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार, पूजन विधि एवं अन्य धार्मिक जानकारियों को साझा करना है।

Facebook X-twitter Youtube Instagram
Top Categories

सनातन धर्म

भगवान

मंदिर

राशिफल

पंचांग

आरती/मंत्र

गृह/नक्षत्र

व्रत और त्योहार

वास्तु शास्त्र /हस्त रेखा

अन्य

Useful Links

About Divysudha

Contact Us

Contact Us
  • Dozen Hands Media Publication
    1/8 Vivek Khand, Gomti Nagar, Lucknow – 226010, Uttar Pradesh
  • Contactus@divysudha.com

Privacy policy      Terms & Conditions  
© 2025 Divysudha. All Rights Reserved.

© 2026 Divysudha. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?